Friday, October 23

तेलंगाना के सिकंदराबाद कैंटोनमेंट जैसे हाई-सिक्योरिटी इलाके से 11 हथियारों की चोरी ने सेना और पुलिस दोनों की नींद उड़ा दी है। चार AK-47, छह पिस्टल और एक INSAS राइफल की यह चोरी न सिर्फ सुरक्षा में बड़ी चूक को उजागर करती है, बल्कि इस बात की भी आशंका पैदा करती है कि इस वारदात के पीछे कौन है। घटना सामने आते ही सेना और पुलिस दोनों हरकत में आ गईं और जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि चोरी रविवार रात मद्रास रेजिमेंट के परिसर में हुई, जो बेहद सुरक्षित इलाका माना जाता है और जहां केवल सेना के जवानों व कुछ अधिकृत कर्मचारियों को ही आने-जाने की अनुमति है। इतनी संवेदनशील जगह से इतनी बड़ी संख्या में हथियारों का गायब होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

कमरे का ताला तोड़कर वारदात को दिया अंजाम

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, अज्ञात लोगों ने हथियार रखने वाले कमरे का ताला तोड़ा और अंदर घुसकर हथियार लेकर फरार हो गए। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि चोर इतने हथियार लेकर कैंटोनमेंट परिसर से बाहर कैसे निकले। मामला सामने आते ही सेना ने संबंधित इलाके को सील कर दिया और बोलाराम पुलिस स्टेशन में चोरी का केस दर्ज कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारी भी अब जांच में जुट गए हैं।

CCTV फुटेज खंगाल रही टीम, अंदरूनी मिलीभगत का शक

जांच टीमें कैंटोनमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी हैं। साथ ही उन सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है, जिनकी हाल में हथियार वाले कमरे तक पहुंच रही है। सुरक्षा ड्यूटी और प्रवेश रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। चूंकि यह इलाका अत्यंत प्रतिबंधित है, इसलिए जांच एजेंसियों को शक है कि इस वारदात में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है, जिसे सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। फिलहाल सेना और पुलिस मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हथियार बाहर कैसे पहुंचे।

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