राँची के कोतवाली थाना के पीछे पानी टंकी के ध्वस्तीकरण के दौरान हुए हादसे में दो श्रमिकों की मौत और तीन के घायल होने की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश प्रवासी कामगार प्रकोष्ठ ने गंभीर चिंता जताई है। प्रकोष्ठ ने हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ-साथ मृतक श्रमिकों के परिवारों को उचित मुआवजा और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है।
घटना के बाद भाजपा झारखंड प्रदेश प्रवासी कामगार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक ललित नारायण ओझा श्रमिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से हादसे की जानकारी ली और घटना पर दुख जताया। उन्होंने मृत श्रमिकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
ललित नारायण ओझा ने कहा कि किसी भी निर्माण या ध्वस्तीकरण कार्य में श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि ध्वस्तीकरण के दौरान निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था, उपकरण और जरूरी सावधानियों का पालन नहीं किया गया, तो यह गंभीर लापरवाही का विषय है।
उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और संबंधित कार्यदायी एजेंसी की भूमिका की जांच की मांग करते हुए कहा कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है। साथ ही जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई।
मृतकों के परिवार को मुआवजा देने की मांग
भाजपा प्रवासी कामगार प्रकोष्ठ ने हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों के परिवारों के लिए उचित और सम्मानजनक मुआवजे की मांग की है। संगठन का कहना है कि मृतकों के आश्रितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि परिवारों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
वहीं हादसे में घायल हुए तीन श्रमिकों के इलाज को लेकर भी प्रकोष्ठ ने प्रशासन से गंभीरता बरतने की अपील की है। मांग की गई है कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनके इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो।
लापरवाही मिली तो कार्रवाई की मांग
ओझा ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा किसी भी परियोजना या काम से अधिक महत्वपूर्ण है। यदि जांच में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि भविष्य में पानी टंकी या अन्य ढांचों के ध्वस्तीकरण से पहले सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। कार्यस्थल पर मौजूद श्रमिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं और बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के इस तरह के कार्य नहीं कराए जाएं।
आंदोलन की चेतावनी
भाजपा प्रवासी कामगार प्रकोष्ठ ने स्पष्ट किया है कि वह श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगा। ललित नारायण ओझा ने कहा कि यदि मृतक श्रमिकों के परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिला तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संगठन श्रमिक संगठनों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।
घटनास्थल पर भाजपा नेता मंतोष सिंह, मनोज पासवान, राम राय, सुरेंद्र पासवान, सोली पासवान समेत अन्य कार्यकर्ता और श्रमिक साथी मौजूद रहे।
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