रांची: दिवाली 8 नवंबर को है और धनतेरस 6 नवंबर को। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो के बाजारों में मिठाई की दुकानें सजने लगी हैं। लेकिन त्योहार की भारी मांग के साथ हर साल मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सभी राज्यों को त्योहारी सीजन में जांच अभियान तेज करने का निर्देश दिया है।
FSSAI का स्पेशल फेस्टिव ड्राइव
FSSAI ने 29 सितंबर को राज्यों को पत्र लिखकर नवरात्रि और दिवाली के दौरान निगरानी और सैंपलिंग बढ़ाने को कहा। इस अभियान के निशाने पर खास तौर पर ये चीजें हैं:
• दूध और दूध से बने उत्पाद, जैसे खोया, पनीर और घी
• मिठाइयां, नमकीन और पापड़
• खाने का तेल और पेय पदार्थ
बड़े बाजारों में ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ नाम की मोबाइल लैब गाड़ियों से मौके पर जांच करने को भी कहा गया है।
रांची में पकड़ा जा चुका है 800 किलो नकली पनीर-खोया
यह खतरा कितना नजदीक है, इसका अंदाजा इसी साल की एक कार्रवाई से लगाया जा सकता है। अगस्त में रांची के खाद्य सुरक्षा विभाग ने रातू रोड की एक डेयरी पर छापा मारकर करीब 800 किलो नकली और मिलावटी पनीर और खोया जब्त किया था।
मौके पर जांच में पनीर, देसी घी, क्रीम और खोया के सैंपल फेल हुए और इनमें अरारोट या स्टार्च की मिलावट का शक जताया गया।
सैंपल नामकुम की फूड टेस्टिंग लैब भेजे गए और बाकी माल नष्ट कर दिया गया।
किन चीजों में होती है मिलावट?
• खोया और पनीर: वजन बढ़ाने के लिए स्टार्च, मैश किया आलू या अरारोट
• दूध: पानी, स्टार्च, डिटर्जेंट और यूरिया
• घी: स्टार्च या सस्ती चर्बी
• चांदी का वर्क: चांदी की जगह एल्यूमिनियम की पन्नी
डॉक्टरों के मुताबिक मिलावटी मिठाई से पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी परेशानियां हो सकती हैं। डिटर्जेंट और यूरिया जैसे केमिकल लंबे समय तक शरीर में जाएं तो गंभीर नुकसान कर सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को खास सावधानी रखनी चाहिए।
FSSAI के आसान घरेलू टेस्ट
FSSAI की पुस्तिका DART (डिटेक्ट एडल्टरेशन विद रैपिड टेस्ट) में घर पर मिलावट पहचानने के आसान तरीके बताए गए हैं। टिंचर आयोडीन किसी भी मेडिकल स्टोर पर कुछ रुपयों में मिल जाता है।
1. खोया और पनीर में स्टार्च: थोड़ा खोया या पनीर पानी में उबालें, ठंडा करें और उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। नीला रंग आए तो स्टार्च की मिलावट है।
2. घी में स्टार्च: आधा चम्मच घी कांच की कटोरी में लेकर आयोडीन की 2-3 बूंदें डालें। नीला रंग मतलब आलू, शकरकंद या दूसरे स्टार्च की मिलावट।
3. दूध में पानी: दूध की एक बूंद किसी चिकनी, तिरछी सतह पर डालें। शुद्ध दूध धीरे बहता है और सफेद लकीर छोड़ता है; पानी वाला दूध तुरंत बह जाता है।
4. दूध में डिटर्जेंट: बराबर मात्रा में दूध और पानी लेकर जोर से हिलाएं। घना झाग बने तो डिटर्जेंट है।
5. चांदी का वर्क: वर्क को दो उंगलियों के बीच मसलें। असली चांदी पाउडर बन जाती है, एल्यूमिनियम सिर्फ छोटे टुकड़ों में टूटता है। जलाने पर असली चांदी चमकदार गोलियां छोड़ती है, जबकि एल्यूमिनियम सलेटी राख बन जाता है।
6. चीनी में चॉक: 10 ग्राम चीनी एक गिलास पानी में घोलें। चॉक हो तो वह नीचे जम जाएगी।
ध्यान रखें, ये घरेलू टेस्ट सिर्फ शुरुआती जांच के लिए हैं। पक्की जांच सिर्फ लैब में ही हो सकती है।
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
• लाइसेंस देखें: दुकान पर FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर लगा होना चाहिए।
• बेस्ट बिफोर डेट: खुली मिठाइयों की ट्रे पर भी ‘बेस्ट बिफोर’ तारीख लिखना जरूरी है। तारीख न दिखे तो पूछें।
• बहुत तेज रंग से बचें: जरूरत से ज्यादा चटकीली लाल, हरी या पीली मिठाई में कृत्रिम रंग हो सकता है।
• स्वाद और गंध पर ध्यान दें: खट्टा, कड़वा या साबुन जैसा स्वाद हो तो न खाएं।
• जरूरत भर ही खरीदें: खोये की मिठाई जल्दी खराब होती है, इसलिए कई दिन पहले ढेर सारी न खरीदें।
• घर पर बनाएं: गुझिया, लड्डू या ठेकुआ जैसी पारंपरिक मिठाइयां घर पर बनाना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
मिलावट दिखे तो कहां करें शिकायत?
मिलावट का शक हो तो अपने जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी से शिकायत करें। आप FSSAI के Food Safety Connect ऐप या टोल-फ्री नंबर 1800-112-100 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
त्योहार की मिठास तभी सच्ची है जब सेहत सुरक्षित रहे। खरीदें सोच-समझकर, और शक हो तो घर पर जांच जरूर करें।
