डिजिटल और भौतिक साक्ष्य भी जब्त, जांच में सामने आ सकते हैं नए खुलासे
रांची, 4 अगस्त 2026। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान उमेश कुमार, बुधेश्वर भगत और रमेश कुमार के रूप में हुई है। CID का कहना है कि यह कार्रवाई जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की गई है और मामले की जांच अभी जारी है।

CID की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस मामले में CID थाना कांड संख्या 16/26, दिनांक 22 जुलाई 2026 के तहत जांच की जा रही है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजी एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को 4 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया।
डिजिटल और भौतिक साक्ष्य किए गए जब्त
CID ने बताया कि गिरफ्तारी के साथ-साथ मामले से जुड़े डिजिटल एवं भौतिक (फिजिकल) साक्ष्य भी बरामद और जब्त किए गए हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री शामिल हो सकती है, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। जांच एजेंसी का मानना है कि इन साक्ष्यों के विश्लेषण से परीक्षा अनियमितता के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी खुलासा हो सकता है।
जांच अभी जारी, हो सकती है और कार्रवाई
प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि यह मामला अभी अनुसंधानाधीन है। जांच के दौरान प्राप्त होने वाले नए साक्ष्यों के आधार पर आगे भी विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। CID अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर उठे थे सवाल
गौरतलब है कि JPSC द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार सवाल उठते रहे हैं। अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद मामले की जांच CID को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी लगातार दस्तावेजों की जांच, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में जुटी हुई है।
अभ्यर्थियों की निगाहें जांच पर
इस कार्रवाई के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब CID की जांच पर टिकी हुई है। अभ्यर्थियों का मानना है कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होती है तो भविष्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता मजबूत होगी। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही जांच से पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना बढ़ जाती है।
CID का आधिकारिक बयान
CID ने अपने प्रेस नोट में कहा है कि 22 जुलाई 2026 को दर्ज कांड संख्या 16/26 में अनुसंधान के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उमेश कुमार, बुधेश्वर भगत और रमेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। मामले से संबंधित डिजिटल एवं अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं। जांच प्रगति पर है और आगे प्राप्त होने वाले साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई को JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में अब तक की महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है। जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई और संभावित खुलासों पर अब सभी की नजर बनी हुई है।


