NEET पेपर लीक के विरोध में दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने का आदेश दिया है।
अदालत ने कहा कि अगर पेपर लीक के विरोध और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किसी अन्य राज्य में भी FIR दर्ज की गई है और उसकी जानकारी अभी कोर्ट को नहीं दी गई है, तो उन्हें रद्द करने की मांग का राज्य विरोध नहीं करेंगे। इन्हीं मामलों से जुड़ी अन्य FIR होने पर उनकी जांच भी बंद करने का आदेश दिया गया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस 2,873 ऐसे लोगों के खिलाफ दर्ज FIR जारी रखेगी, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले से जुड़े प्रदर्शनों को लेकर अब छात्रों के खिलाफ कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस लेने का ऐलान किया है।
NEET 2026 के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के मुआवजे पर भी निर्देश
अदालत ने NEET परीक्षा 2026 के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के मुद्दे पर भी निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके लिए तीन महीने के भीतर नीति तैयार की जाए और तय प्रक्रिया के अनुसार मुआवजा दिया जाए।
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