झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की है। उन्होंने रांची स्थित PMLA (प्रीवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की विशेष कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज भूमि घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी डिस्चार्ज (आरोपमुक्ति) याचिका खारिज कर दी गई थी। PMLA कोर्ट ने यह आदेश 8 जून को दिया था। फिलहाल हाईकोर्ट में उनकी याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है।
बड़गांई भूमि मामले में ईडी ने बनाया है आरोपी
ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रांची के बड़गांई स्थित एक जमीन से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी बनाया है। बड़गांई की करीब 8.86 एकड़ की कथित जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े इस मामले में ईडी की विशेष अदालत द्वारा उनकी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने के बाद अब उन्होंने हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी है।
15 आरोपियों के खिलाफ पहले ही हो चुका है आरोप गठन
मामले में ईडी की विशेष अदालत पहले ही जेएमएम नेता अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह समेत 15 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित कर चुकी है। हालांकि राजकुमार पाहन समेत दो आरोपियों के खिलाफ अभी आरोप तय नहीं हुए हैं। मामले के अन्य आरोपियों में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, संजीत कुमार, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरसाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरसाद शामिल हैं।
छापेमारी और चार्जशीट के बाद अब हाईकोर्ट की शरण
गौरतलब है कि इस जमीन फर्जीवाड़ा मामले में ईडी पहले भी कई बार कार्रवाई कर चुकी है। एजेंसी ने अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह समेत कई जमीन कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच पूरी करने के बाद ईडी ने आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की थी। अब सीएम हेमंत सोरेन की क्रिमिनल रिवीजन याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई का इंतजार है।
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