राजधानी रांची में वर्ष 2022 में हुई चर्चित हिंसा के मामले में रांची सिविल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी है।
जुर्माने का भी प्रावधान
सजा के साथ-साथ कोर्ट ने सभी दोषियों पर अलग-अलग धाराओं के तहत तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अपने आदेश में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी निर्धारित जुर्माने की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
क्या था पूरा मामला
यह मामला 10 जून 2022 का है, जब पैगंबर विवाद के बाद रांची में जमकर बवाल हुआ था। जुमे की नमाज के बाद शहर के मेन रोड इलाके में हिंसा भड़क उठी थी। पथराव, हंगामा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं ने पूरे शहर को दहला दिया था। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ी थीं।
दो की गई थी जान, कई घायल
उस दिन की हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग घायल हुए थे। घायलों में पुलिस के कई पदाधिकारी और जवान भी शामिल थे, जो हालात को नियंत्रित करने की कोशिश में चोटिल हुए थे।
करीब चार साल पुराने इस मामले में आए कोर्ट के फैसले को उस दिन की घटना से जुड़े मामलों में अहम कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।



