Friday, October 23

नेमरा, रामगढ़: मां के निधन के गहरे दुख के बीच भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और फरियाद लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना और आत्मीयता के साथ उनकी परेशानियों को सुना। इसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सभी मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मातृशोक की इस कठिन घड़ी में भी हेमंत सोरेन ने जनहित से जुड़े अपने दायित्वों को प्राथमिकता दी। नेमरा में लोगों की लगातार आवाजाही के बीच मुख्यमंत्री ने सीधे उनसे संवाद किया और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना।

नेमरा में फरियादियों की उमड़ी भीड़

मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में शुक्रवार को झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोग अपनी व्यक्तिगत और अन्य समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर मुख्यमंत्री से मिलने आए थे। मुख्यमंत्री ने सभी से बारी-बारी मुलाकात की और उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने इस दुख की घड़ी में भी लोगों के बीच पहुंचकर यह संदेश दिया कि वे हर परिस्थिति में राज्य की जनता के साथ खड़े हैं। लोगों से मुलाकात के दौरान उन्होंने आत्मीयता के साथ उनकी परेशानियों को समझने का प्रयास किया।

अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

फरियादियों की शिकायतें सुनने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी मामलों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निदान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी फरियादी को निराश होकर वापस नहीं लौटना पड़े। उनके निर्देशों का जोर शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई और समस्याओं के प्रभावी समाधान पर रहा।

हालांकि, मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में फरियादियों की ओर से उठाए गए मुद्दों, संबंधित विभागों या मौके पर निपटाए गए मामलों की संख्या का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है।

जनता को बताया अपना सबसे बड़ा परिवार

मुख्यमंत्री सचिवालय की विज्ञप्ति में कहा गया कि व्यक्तिगत दुख के बावजूद हेमंत सोरेन ने जनसेवा के अपने संकल्प को बनाए रखा। लोगों की समस्याएं सुनने और अधिकारियों को निर्देश देने के माध्यम से उन्होंने जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री के लिए राज्य की जनता ही उनका सबसे बड़ा परिवार है। इसी भावना के साथ उन्होंने अधिकारियों को लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और समाधान में अनावश्यक देरी से बचने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री सचिवालय ने प्रेस विज्ञप्ति संख्या 339/2026 के तहत 16 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी जारी की। नेमरा में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे लोगों और उनकी समस्याओं को सुनने की यह पहल जनशिकायतों के समाधान को प्राथमिकता देने के सरकार के संदेश के रूप में सामने आई।

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