दो दिवसीय साहित्यिक उत्सव का समापन 27 अक्टूबर को; विद्यार्थियों को रचनात्मक अभिव्यक्ति, मंचीय प्रस्तुति और अपनी प्रतिभा निखारने का मिल रहा अवसर
रांची। एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड में सोमवार को डिपार्टमेंट ऑफ इंग्लिश स्टडीज एंड रिसर्च की ओर से लिटफेस्ट 3.0 का शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस साहित्यिक एवं सांस्कृतिक उत्सव का समापन 27 अक्टूबर 2026 को होगा। आयोजन में साहित्य के साथ कला, संगीत, सिनेमा और मंचीय प्रस्तुतियों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई और पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा विचारों को अभिव्यक्त करने के लिए एक बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
लिटफेस्ट 3.0 के माध्यम से विद्यार्थियों को साहित्य और संस्कृति के विभिन्न आयामों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। यह आयोजन न केवल उनकी रचनात्मक क्षमता को सामने लाने का प्रयास है, बल्कि आत्मविश्वास, संवाद कौशल और स्वतंत्र विचारों को विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है।
साहित्य और रचनात्मकता के मेल पर जोर
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के डीन डॉ. अभिषेक त्रिपाठी के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में साहित्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, रचनात्मक सोच विकसित करने और दुनिया को व्यापक दृष्टिकोण से समझने में मदद करते हैं। साहित्य केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचारों, संवेदनाओं और समाज को समझने का माध्यम भी है। ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता और विचारों को सामने रखने का अवसर देते हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति ने भी आयोजन के लिए विभाग को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने युवाओं को साहित्य, रचनात्मकता और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्कूल प्राचार्यों ने की पहल की सराहना
लिटफेस्ट 3.0 में रांची के विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों ने भी भाग लिया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और रुचियों को पहचानने के लिए ऐसे मंच उपलब्ध कराना जरूरी है।
कार्यक्रम में स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच बेहतर जुड़ाव की झलक भी देखने को मिली। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों को अकादमिक पढ़ाई के साथ कला, साहित्य और संस्कृति से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। इससे उन्हें अपनी रुचि के क्षेत्रों को समझने और भविष्य में अपनी क्षमताओं को विकसित करने की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है।
विद्यार्थियों की भागीदारी से साकार हुआ उत्सव
लिटफेस्ट 3.0 की तैयारियों में विद्यार्थियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन की योजना तैयार करने से लेकर विभिन्न गतिविधियों के संचालन और प्रस्तुतियों की व्यवस्था तक छात्रों ने जिम्मेदारियां संभालीं। इससे उन्हें टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और आयोजन प्रबंधन जैसे कौशल विकसित करने का अवसर भी मिला।
दो दिवसीय उत्सव में साहित्य, कला, संगीत, सिनेमा और मंचीय गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा सामने लाने का अवसर मिल रहा है। आयोजन का स्वरूप ऐसा रखा गया है, जिसमें विद्यार्थी केवल दर्शक बनकर नहीं, बल्कि रचनात्मक गतिविधियों के सक्रिय भागीदार के रूप में शामिल हो सकें।
डिजिटल दौर में साहित्य की प्रासंगिकता पर फोकस
आज के डिजिटल दौर में युवाओं के जीवन में तकनीक और सोशल मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में साहित्य और कला से जुड़ी गतिविधियां विद्यार्थियों को विचारों की गहराई, संवेदनशीलता और अभिव्यक्ति के महत्व से परिचित कराने में सहायक हो सकती हैं।
एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड का लिटफेस्ट 3.0 इसी दिशा में एक प्रयास है, जो विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की सीमाओं से बाहर निकलकर नई कल्पनाओं, विचारों और सांस्कृतिक अनुभवों से जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।
लिटफेस्ट 3.0 विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने, रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने और साहित्य एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करने का मंच बनकर सामने आया है। दो दिवसीय इस आयोजन का समापन 27 अक्टूबर को होगा।
