Thursday, October 15

रांची। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची में 15 अक्टूबर 2026 को ‘संगच्छध्वम् मेंटरशिप डे 3.0’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष कुकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों की 33 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने महज तीन घंटे के भीतर भारत के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजन तैयार कर अपनी पाक कला, रचनात्मकता और टीमवर्क का प्रदर्शन किया। आयोजन में देश की समृद्ध खानपान परंपरा और सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों को मजबूत करना, आपसी संवाद बढ़ाना और विश्वविद्यालय परिसर में सहयोग एवं सामुदायिक भावना को प्रोत्साहित करना था।

तीन घंटे में तैयार हुए अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक व्यंजन

कुकिंग प्रतियोगिता में सभी टीमों को व्यंजन तैयार करने के लिए तीन घंटे का समय दिया गया था। इस दौरान विद्यार्थियों ने भारत के अलग-अलग हिस्सों की पाक परंपराओं को अपने व्यंजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया। कश्मीर से तमिलनाडु और गुजरात से नागालैंड तक के खानपान की विविधता ने प्रतियोगिता को खास बना दिया।

प्रतिभागियों ने पारंपरिक स्वाद, स्थानीय व्यंजनों और क्षेत्रीय खानपान की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए अपनी पाक कला का प्रदर्शन किया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता दिखाने के साथ-साथ भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर दिया।

प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि प्रत्येक टीम के साथ विश्वविद्यालय के एक संकाय सदस्य को मेंटर के रूप में जोड़ा गया था। इससे शिक्षकों और विद्यार्थियों को कक्षा के औपचारिक माहौल से बाहर एक-दूसरे के साथ संवाद करने और मिलकर काम करने का अवसर मिला।

त्रिपुरा के व्यंजनों वाली टीम को पहला पुरस्कार

प्रतियोगिता में त्रिपुरा के व्यंजनों का प्रतिनिधित्व करने वाली श्री आशीष सिलसिलवाल के नेतृत्व वाली टीम ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। टीम ने अपने व्यंजनों के माध्यम से त्रिपुरा की पाक परंपरा को प्रस्तुत किया और निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया।

वहीं, वाराणसी के प्रसिद्ध टमाटर चाट को तैयार करने वाली टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस टीम के संकाय मेंटर श्री श्रीमांशु कुमार दाश थे। वाराणसी की लोकप्रिय चाट को प्रतियोगिता में प्रस्तुत कर टीम ने क्षेत्रीय खानपान की विशिष्टता को सामने रखा।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों का उत्साह, व्यंजनों की विविधता और सीमित समय में टीम के रूप में काम करने की क्षमता आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे।

कुलपति और विशेष अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल, DPIIT-IPR चेयर प्रोफेसर सुश्री निशी शबाना और विशेष अतिथि के रूप में Little’s Bakes and Bistro के शेफ श्री हर्ष गखर उपस्थित रहे।

अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों, रचनात्मकता, टीम भावना और देश के विभिन्न क्षेत्रों की पाक परंपराओं को प्रस्तुत करने के तरीके की सराहना की। उन्होंने इस तरह की गतिविधियों को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए उपयोगी बताया। प्रतियोगिता ने प्रतिभागियों को एक साझा मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और एक-दूसरे से सीखने का अवसर दिया।

मेंटरशिप का उद्देश्य केवल अकादमिक मार्गदर्शन नहीं

‘संगच्छध्वम् मेंटरशिप डे 3.0’ के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मेंटरशिप केवल पढ़ाई और अकादमिक मार्गदर्शन तक सीमित नहीं होती। आपसी विश्वास, संवाद, सहयोग और साझा अनुभव भी शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रतियोगिता के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एक टीम के रूप में काम किया। इससे आपसी समझ विकसित करने, विचार साझा करने और सामूहिक रूप से लक्ष्य हासिल करने की भावना को बढ़ावा मिला।

सांस्कृतिक विविधता के साथ टीम भावना का उत्सव

NUSRL रांची में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान किया। अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों की प्रस्तुति ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और क्षेत्रीय खानपान की समृद्ध परंपरा को सामने रखा।

‘संगच्छध्वम् मेंटरशिप डे 3.0’ के जरिए विश्वविद्यालय ने शिक्षक-विद्यार्थी संवाद, आपसी सहयोग और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया। तीन घंटे की इस कुकिंग प्रतियोगिता ने यह भी दिखाया कि साझा गतिविधियों के माध्यम से सीखने, साथ काम करने और एक-दूसरे की संस्कृति को समझने के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

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