मिसिर बेसरा बन गया पुलिस के लिए मिसिंग बेसरा
टाईगर के नाम से मशहूर अजय महतो गिरफ्तार
रविन्द्र गंझू को गिरफ्तार करने वाली कोबरा टीम और गिरीडीह पुलिस का अभियान
240 से ज्यादा मामलों का मोस्ट वांटेड
गिरीडीह पारसनाथ जोन से नक्सिलयों का सफाया
झारखंड पुलिस के लिए मिसिंग बन चुका मिसिर बेसरा पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है लेकिन मिसिर बेसरा पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा. सारंडा मुठभेड़ के बाद से मिसिर बेसरा लापता हो गया है. पुलिस, सीआरपीएफ, आईबी समेत अन्य एजेंसियां उसकी तलाश कर रही हैं. झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के लिए लंबे समय से चुनौती बना भाकपा (माओवादी) का स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अजय महतो उर्फ उर्फ टाइगर उर्फ मोछु उर्फ अंजन दा उर्फ बुधराम उर्फ श्रीकांत उर्फ बासुदेव को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. 25 लाख रुपये का ईनामी नक्सली अजय महतो गिरिडीह-बोकारो क्षेत्र का आतंक बना हुआ था. अजय पर हत्या, पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्रामीणों की हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमले, मुठभेड़, विस्फोटक लूट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं.
रविन्द्र गंझू को गिरफ्तार करने वाली कोबरा टीम और गिरीडीह पुलिस का अभियान
यह रोचक है कि जिस कोबरा की जिस टीम ने 20 लाख के ईनामी नक्सली रविन्द्र गंझू को गिरफ्तार किया था उसी टीम के सहयोग से गिरीडीह पुलिस ने अजय महतो को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस सूत्रों की मानें तो अजय महतो से संबंधित सूचना पुलिस को रविन्द्र गंझू से पूछताछ में हासिल हुई थी. रविन्द्र गंझू की सूचना पर पुलिस ने एक और एके 56 बरामद कर लिया है.
पुलिस जवानों की हत्या समेत कई मामलों का वांटेड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2020 से 2026 तक पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में हुए अधिकांश बड़े नक्सली हमलों में उसकी भूमिका सामने आई है. अप्रैल 2020 में गोईलकेरा के कुईड़ा चौक पर ग्रामीण राजकिशोर गोप की हत्या तथा जुलाई 2020 में बरकेल स्थित वन विभाग कार्यालय को आईईडी से उड़ाने की घटना में वह आरोपी रहा. वर्ष 2021 में लांजी जंगल में आईईडी विस्फोट में झारखंड जगुआर के तीन जवान शहीद हुए थे, जबकि कई अन्य जवान घायल हुए। 2022 में लोवाबेड़ा और रेंगड़ा क्षेत्र में हुए आईईडी हमलों और मुठभेड़ों में भी उसका नाम सामने आया. साल 2023 को उसके दस्ते की सबसे हिंसक गतिविधियों का वर्ष माना जाता है. टोंटो के तुम्बाहाका क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान झारखंड जगुआर के सब-इंस्पेक्टर अमित तिवारी और आरक्षी गौतम कुमार शहीद हुए थे. इसी वर्ष विस्फोटक भंडार लूट और कई आईईडी हमलों में भी उसकी संलिप्तता सामने आई थी.
240 मामलों के वांटेड पर 25 लाख का ईनाम
अजय महतो के खिलाफ 240 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. राज्य पुलिस ने उसपर 25 लाख का ईनाम घोषित किया है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और माना जा रहा है कि मिसिर बेसरा से संबंधित विशेष जानकारी अजय से मिल सकती है. सूत्रों की मानें तो अजय की गिरफ्तारी के साथ ही राज्य की सीमाओं पर चौकसी और भी सख्त कर दी गयी है.



