रांची: चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित असर को देखते हुए झारखंड में प्रशासन ने कमर कस ली है। संभावित आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 27 से 30 अक्टूबर 2026 तक संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। वहीं, भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए रांची में सरकारी और निजी स्कूलों में दो दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
चार क्षेत्रों में NDRF की तैनाती की तैयारी
आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव राकेश कुमार की ओर से 9वीं बटालियन, NDRF, बिहटा (पटना) के समादेष्टा को भेजे गए पत्र में टीमों को झारखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में भेजने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य चक्रवात के कारण किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य जल्द शुरू करना है।
इसके लिए राज्य को चार क्षेत्रों में बांटा गया है। मध्य झारखंड में रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद शामिल हैं। दक्षिणी क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां को रखा गया है।
इसी तरह उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार, जबकि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं।
27 से 30 अक्टूबर तक अलर्ट, रांची में टीम रिजर्व
विभाग ने निर्देश दिया है कि 27 से 30 अक्टूबर तक संभावित आपदा से निपटने के लिए NDRF की टीमें संबंधित क्षेत्रों के लिए रवाना की जाएं। इसके अलावा, किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए एक टीम को रांची मुख्यालय में रिजर्व रखने को कहा गया है।
रांची में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूलों में छुट्टी
चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका के मद्देनजर रांची जिला प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाया है। जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में KG से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई 28 और 29 अक्टूबर को स्थगित रहेगी।
हालांकि, पहले से निर्धारित परीक्षाओं के आयोजन को लेकर निजी स्कूल प्रबंधन परिस्थिति के अनुसार निर्णय ले सकते हैं। ऐसी स्थिति में संबंधित स्कूलों को जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक को सूचना देनी होगी। वहीं, सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को इन दोनों दिनों में गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए स्कूल में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए प्रशासन की ओर से राहत और बचाव की तैयारियां की जा रही हैं। NDRF की तैनाती और स्कूलों में एहतियाती कदमों का उद्देश्य किसी भी संभावित आपात स्थिति में नुकसान को कम करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
