जिला प्रशासन की जवाबदेही और आम नागरिकों तक त्वरित राहत पहुंचाने की दिशा में मंगलवार को बोकारो में एक और पहल देखने को मिली। उपायुक्त अजय नाथ झा ने ‘हम आपको सुनते हैं… लोक संवाद’ कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों की समस्याएं सीधे सुनीं। इस दौरान कुल 43 मामलों पर सुनवाई हुई।
फरियादियों की सीधी पहुंच
कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग अपनी परेशानियां लेकर पहुंचे। फरियादियों ने अपनी बात बिना किसी मध्यस्थ के सीधे जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी के सामने रखी। उपायुक्त ने हर आवेदन को ध्यानपूर्वक सुना और मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई के आदेश
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों से कहा कि प्राप्त शिकायतों की पहले जांच की जाए और उसके बाद नियमों के दायरे में रहते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है।
अधिकारियों को संवेदनशील रवैया अपनाने की हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि शिकायतों का निष्पादन तय समय-सीमा के भीतर हो, ताकि फरियादियों को लंबे इंतजार का सामना न करना पड़े।
नियमित समीक्षा पर जोर
सुनवाई के दौरान उपायुक्त ने केवल निर्देश देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर भी बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों पर हुई कार्रवाई की समय-समय पर समीक्षा की जाए और आवेदकों को समय रहते राहत मिले।
दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति का लक्ष्य
उपायुक्त ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासनिक कार्यप्रणाली में यह अक्सर आम जनता की सबसे बड़ी शिकायतों में गिना जाता है।
जिला प्रशासन ने दोहराया कि वह पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्ध है तथा जनसमस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ऐसे संवाद कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।
