Wednesday, October 14

गढ़वा/रंका। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की दमदार अदाकारी से तो देशभर के लोग परिचित हैं, लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि उनके फिल्मी सफर की कुछ यादें झारखंड के गढ़वा और पलामू प्रमंडल की धरती से भी जुड़ी हुई हैं। करीब चार दशक पहले, वर्ष 1987 में नाना पाटेकर अपनी फिल्म ‘आज का रॉबिनहुड’ की शूटिंग के सिलसिले में गढ़वा जिले के रंका राज पहुंचे थे। उस दौर में यहां हुई फिल्म की शूटिंग आज भी स्थानीय लोगों के लिए एक खास याद के तौर पर जुड़ी हुई है।

फिल्म की शूटिंग रंका राज के ऐतिहासिक गढ़ के साथ-साथ बेतला की प्राकृतिक वादियों में भी की गई थी। उस समय किसी बड़े हिंदी फिल्म कलाकार का किसी छोटे कस्बे या ग्रामीण इलाके में शूटिंग के लिए पहुंचना अपने आप में बड़ी बात हुआ करती थी। ऐसे में नाना पाटेकर और फिल्म की पूरी टीम के रंका पहुंचने की खबर ने इलाके में खासा उत्साह पैदा कर दिया था।

जब रंका की धरती पर साकार हुआ ‘आज का रॉबिनहुड’

वर्ष 1987 में रिलीज हुई फिल्म ‘आज का रॉबिनहुड’ अपने समय की चर्चित फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में नाना पाटेकर के साथ हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता उत्पल दत्त भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आए थे। फिल्म का निर्देशन प्रसिद्ध फिल्मकार तपन सिन्हा ने किया था।

फिल्म की शूटिंग के लिए रंका और बेतला जैसे स्थानों का चयन अपने आप में खास था। एक तरफ रंका राज का ऐतिहासिक गढ़ फिल्म को एक अलग दृश्यात्मक पृष्ठभूमि देता था, तो दूसरी तरफ बेतला की प्राकृतिक खूबसूरती ने फिल्म के दृश्यों को एक खास वातावरण दिया।

उस समय शूटिंग देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जुटना स्वाभाविक था। जिन लोगों ने उस दौर में नाना पाटेकर और फिल्म की टीम को अपनी आंखों के सामने शूटिंग करते देखा था, उनके लिए यह किसी यादगार घटना से कम नहीं था। आज जब दशकों बाद उस फिल्म और उसकी शूटिंग का जिक्र होता है, तो पुराने लोग उन दिनों की यादों को फिर से ताजा करते हैं।

चार दशक बाद फिर चर्चा में आया पुराना फिल्मी कनेक्शन

समय के साथ रंका और बेतला में हुई उस शूटिंग की यादें भले ही पीछे छूट गईं, लेकिन नाना पाटेकर की लोकप्रियता ने इस पुराने फिल्मी कनेक्शन को आज भी जीवित रखा है। नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं और अपनी अलग अभिनय शैली से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई है।

रंका राज का ऐतिहासिक गढ़ और बेतला की वादियां आज भी उस दौर की कहानी अपने भीतर समेटे हुए हैं, जब हिंदी सिनेमा के कलाकार झारखंड की धरती पर पहुंचे थे और कैमरे के सामने इन इलाकों को अपनी कहानी का हिस्सा बनाया था।

आज जब फिल्म शूटिंग के लिए झारखंड के अलग-अलग इलाकों को लेकर चर्चा होती है, तब करीब चार दशक पुरानी यह कहानी भी खास बन जाती है। 1987 में नाना पाटेकर का रंका पहुंचना सिर्फ एक फिल्म की शूटिंग भर नहीं था, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए बॉलीवुड की दुनिया से सीधे जुड़ने वाला एक यादगार पल था।

रंका राज का गढ़ और बेतला की वादियां आज भी उस दौर की उन फिल्मी यादों के गवाह हैं, जब कैमरा चला, कलाकारों ने अभिनय किया और झारखंड की खूबसूरत धरती हिंदी सिनेमा की कहानी का हिस्सा बन गई।

Share.
Next Story
रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने पहुंचे राज्यपाल, सीएम हेमंत सोरेन से मिलकर जताई संवेदना
Exit mobile version