नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं. जेएम फाइनेंशियल के तकनीकी विशेषज्ञों ने बाजार में और गिरावट की आशंका जताई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले तीन महीनों में निफ्टी में 1,500 से 1,600 अंकों तक की गिरावट आ सकती है। ऐसा होने पर निफ्टी 21,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। लगातार गिरावट के कारण निवेशकों के पोर्टफोलियो पर दबाव बढ़ रहा है। स्मॉल और मिडकैप शेयरों में कमजोरी ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। हालांकि, निफ्टी के 21,000 तक गिरने का अनुमान एक बाजार पूर्वानुमान है, इसकी कोई गारंटी नहीं है। निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी बरतने की जरूरत है।
शॉर्ट टर्म में मजबूत गिरावट
जेएम फाइनेंशियल ने कहा कि बीते दिनों में, जब भी मार्केट ने 200-सप्ताह के ईएमए को तोड़ा है, तो शॉर्ट टर्म में इसमें मजबूत गिरावट देखी गई है, लेकिन लॉन्गटर्म में पैसा बना है और निवेशकों के लिए कुछ बेहतरीन अवसर बने हैं। घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि निफ्टी की बाजार स्थिति में भारी गिरावट आई है, केवल 24 प्रतिशत शेयर ही अपने 50-डे मूविंग एवरेज (DMA) से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। केवल 22 प्रतिशत शेयर ही अपने 200-डीएमए से ऊपर हैं, जिससे लार्जकैप शेयरों की बाजार स्थिति तनावपूर्ण होने के कगार पर है।
ओवरऑल मार्केट में गिरावट
जेएम फाइनेंशियल ने कहा है कि महत्वपूर्ण बात यह है कि कमजोरी केवल मिडकैप और स्मॉलकैप तक ही सीमित नहीं है. निफ्टी 50 में भी आंतरिक विस्तार में काफी गिरावट देखी जा रही है। लार्जकैप के लिए 50-डीएमए विस्तार में हालिया उछाल ने स्थिरता के पहले संकेत दिए। हालांकि, जेएम फाइनेंशियल ने मार्केट कैपिटलाइजेशन के अलग-अलग कैटेगरी में बढ़ते बाजार तनाव को इस बात का संकेत माना कि बाजार की व्यापकता में सुधार की नींव रखी जा रही है।
मिडकैप ने लार्जकैप की तुलना में अच्छा रिटर्न दिया
जेएम फाइनेंशियल ने कहा कि निफ्टी ने लंबे समय तक निफ्टी मिडकैप 100 के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया है और निफ्टी-टू-मिडकैप 100 रेशियो 2021 से लगातार गिरावट के रुझान में है, जो यह दिखाता है कि मिडकैप ने लंबी अवधि में लार्जकैप की तुलना में काफी बेहतर परफॉर्मेंश कर रहा है।
