Thursday, October 15

सार्वजनिक क्षेत्र के यूको बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 26.77 प्रतिशत बढ़कर 786 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 620 करोड़ रुपये था। बैंक के कारोबार, ऋण वितरण और खुदरा बैंकिंग गतिविधियों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही बैंक के सकल और शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात में गिरावट आई है, जो परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार का संकेत देती है।

कुल कारोबार 6.37 लाख करोड़ रुपये के पार

यूको बैंक का कुल कारोबार 30 सितंबर 2026 तक बढ़कर 6,37,280 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले इसमें 18.81 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बैंक की कुल अग्रिम राशि यानी ऋण वितरण 24.70 प्रतिशत बढ़कर 2,87,690 करोड़ रुपये हो गया।

वहीं, बैंक की कुल जमा राशि में 14.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 3,49,590 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। ये आंकड़े बैंक के ऋण कारोबार और जमा आधार के विस्तार को दर्शाते हैं।

परिचालन लाभ और शुद्ध ब्याज आय में बढ़ोतरी

दूसरी तिमाही में बैंक का परिचालन लाभ 16.04 प्रतिशत बढ़कर 1,872 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) भी पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 2,533 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,886 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसमें 13.96 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।

बैंक का वैश्विक शुद्ध ब्याज मार्जिन 10 आधार अंक सुधरकर 3 प्रतिशत रहा, जबकि घरेलू शुद्ध ब्याज मार्जिन 11 आधार अंक बढ़कर 3.19 प्रतिशत हो गया। बैंक की निधि लागत घटकर 4.44 प्रतिशत रह गई। वहीं, लागत-आय अनुपात पिछले वर्ष के 52.79 प्रतिशत से सुधरकर 50.39 प्रतिशत हो गया।

खुदरा ऋण में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि

यूको बैंक के खुदरा ऋण कारोबार ने दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। खुदरा अग्रिम राशि 58,987 करोड़ रुपये से बढ़कर 76,817 करोड़ रुपये हो गई, जो 30.23 प्रतिशत की वृद्धि है।

इस दौरान गृह ऋण पोर्टफोलियो में 20.29 प्रतिशत और वाहन ऋण पोर्टफोलियो में 61.91 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वाहन ऋण में मजबूत वृद्धि बैंक की खुदरा ऋण गतिविधियों के विस्तार को दर्शाती है।

कृषि क्षेत्र में भी बैंक का ऋण वितरण बढ़ा। कृषि अग्रिम राशि 29.59 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 41,014 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले वर्ष यह 31,650 करोड़ रुपये थी।

इसी तरह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में बैंक की अग्रिम राशि 20.32 प्रतिशत बढ़कर 50,905 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह 42,309 करोड़ रुपये थी।

एनपीए में गिरावट से परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार

बैंक के वित्तीय नतीजों में परिसंपत्ति गुणवत्ता से जुड़े आंकड़े भी सकारात्मक रहे। सकल एनपीए अनुपात 60 आधार अंक घटकर 1.96 प्रतिशत रह गया। वहीं, शुद्ध एनपीए अनुपात 25 आधार अंक घटकर 0.18 प्रतिशत पर पहुंच गया।

बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो 98.36 प्रतिशत और टैंजिबल प्रोविजन कवरेज रेशियो 90.88 प्रतिशत दर्ज किया गया। तिमाही के दौरान वार्षिकीकृत स्लिपेज अनुपात 0.85 प्रतिशत रहा। एनपीए अनुपात में गिरावट बैंक के ऋण पोर्टफोलियो की गुणवत्ता में सुधार का संकेत देती है।

पूंजी पर्याप्तता अनुपात 18.85 प्रतिशत

30 सितंबर 2026 तक यूको बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) 18.85 प्रतिशत रहा। इसमें टियर-1 पूंजी अनुपात 17.27 प्रतिशत दर्ज किया गया। बैंक का ऋण-जमा अनुपात बढ़कर 82.29 प्रतिशत हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 75.47 प्रतिशत था।

बैंक की परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (आरओए) भी 0.71 प्रतिशत से सुधरकर 0.80 प्रतिशत हो गया। शुल्क आधारित आय में 34.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 558 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष यह 414 करोड़ रुपये थी।

3,442 शाखाओं के नेटवर्क से ग्राहकों तक पहुंच

यूको बैंक के नेटवर्क में 30 सितंबर 2026 तक कुल 3,442 शाखाएं थीं। इनमें देश में 3,439 शाखाएं और तीन अंतरराष्ट्रीय शाखाएं शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय शाखाएं हांगकांग, सिंगापुर और आईबीयू गिफ्ट सिटी में स्थित हैं।

बैंक की 61 प्रतिशत घरेलू शाखाएं ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में संचालित हैं। इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में बैंक की भूमिका का पता चलता है। बैंक के प्रति कर्मचारी कारोबार में भी वृद्धि हुई और यह 25 करोड़ रुपये से बढ़कर 30 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, प्रति शाखा कारोबार 161 करोड़ रुपये से बढ़कर 185 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कुल मिलाकर, दूसरी तिमाही में यूको बैंक ने शुद्ध लाभ, कुल कारोबार, ऋण वितरण और शुल्क आधारित आय में वृद्धि दर्ज की है। साथ ही, एनपीए अनुपात में गिरावट और पूंजी पर्याप्तता के आंकड़े बैंक के वित्तीय प्रदर्शन के प्रमुख पहलू रहे।

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