रांची: झारखंड में बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है। सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। रांची में करीब 13 मिमी, जबकि बोकारो में 80 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम केंद्र के अनुसार, मंगलवार यानी 1 सितंबर को भी रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज बारिश के साथ गर्जन और वज्रपात हो सकता है।
मौसम विभाग ने 1 सितंबर को रांची, खूंटी, चतरा और सरायकेला-खरसावां के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है।
2 सितंबर से पश्चिमी जिलों में बढ़ेगा मौसम का असर
पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 सितंबर को निम्न दबाव वाले सिस्टम का प्रभाव मुख्य रूप से झारखंड के पश्चिमी जिलों तक रहेगा। इस दिन गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भी गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
इसके बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने और मौसम के सामान्य होने की संभावना जताई गई है।
महुआडांड़ में 171 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे में लातेहार के महुआडांड़ में सबसे अधिक 171 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
दूसरी ओर, राज्य के कुछ जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। बोकारो में सामान्य से 52 प्रतिशत कम, देवघर और कोडरमा में 41 प्रतिशत, गढ़वा में 39 प्रतिशत, चतरा में 37 प्रतिशत और गिरिडीह में 35 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।
बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मानसूनी गर्त और चक्रवाती परिसंचरण के कारण झारखंड के वातावरण में लगातार पर्याप्त नमी पहुंच रही है। इसी वजह से राज्य में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी मौसम की यह स्थिति जारी रहने की संभावना है।
बारिश के साथ तेज हवा, गर्जन और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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