Thursday, October 15

कार में छिपाकर रखे गए थे गांजे के 38 पैकेट, दूसरा आरोपी चाबी लेकर फरार; ऑल्टो कार, स्मार्टफोन और दो फर्जी नंबर प्लेट जब्त

लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 53 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने पंकज चौरसिया नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका कथित साथी विश्वनाथ कुमार मौके से फरार हो गया। पुलिस ने गांजे की ढुलाई में इस्तेमाल की जा रही ग्रे रंग की मारुति ऑल्टो कार, एक स्मार्टफोन और दो फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की हैं।

प्रारंभिक पूछताछ में गांजे की खेप को कार में छिपाकर बनारस ले जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

कार की चाबी लेकर अंधेरे में फरार हुआ दूसरा आरोपी

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान विश्वनाथ कुमार कार की चाबी लेकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पकड़े गए पंकज चौरसिया से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कार में गांजा छिपाकर रखे जाने की जानकारी मिली।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अंचलाधिकारी को सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया। उनकी मौजूदगी में कार का लॉक तोड़कर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन के अंदर भूरे रंग के टेप से लिपटे गांजे के पैकेट मिले।

38 पैकेट में छिपाकर रखा गया था गांजा

पुलिस की तलाशी में गांजे के कुल 38 पैकेट बरामद हुए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें 15 पैकेट दो-दो किलोग्राम वजन के और 23 पैकेट एक-एक किलोग्राम वजन के थे। पुलिस ने कुल बरामदगी का वजन 53 किलोग्राम बताया है।

पैकेटों के बताए गए वजन का जोड़ 53 किलोग्राम होता है। गांजे को टेप से लपेटकर कार में रखा गया था, ताकि उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सके। पुलिस अब जब्त मादक पदार्थ की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है।

कार, स्मार्टफोन और फर्जी नंबर प्लेट जब्त

कार की तलाशी के दौरान गांजे के अलावा गिरफ्तार आरोपी पंकज चौरसिया की पैंट की दाहिनी जेब से नथिंग कंपनी का एक स्मार्टफोन भी बरामद किया गया। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही ग्रे रंग की मारुति ऑल्टो कार और दो फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की हैं।

फर्जी नंबर प्लेट मिलने के बाद जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि वाहन की वास्तविक पहचान क्या है और उसका इस्तेमाल किन-किन स्थानों पर किया गया। पुलिस जब्त मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तस्करी से जुड़े संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा सकती है।

फरार आरोपी की तलाश, तस्करी के नेटवर्क की जांच

पुलिस अब फरार आरोपी विश्वनाथ कुमार की तलाश कर रही है। साथ ही, गांजे की खेप के स्रोत, उसे लोहरदगा तक लाने वाले लोगों और आगे इसकी आपूर्ति कहां की जानी थी, इसकी जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी में बनारस को गांजे की खेप का संभावित गंतव्य बताया गया है। हालांकि, गांजे की वास्तविक आपूर्ति श्रृंखला और इसमें अन्य लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

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