खूंटी: आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए जानलेवा हमले के बाद खूंटी में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। वहीं, रांची में इलाज करा रहे फादर बारला की हालत में सुधार हो रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक, वह अब खतरे से बाहर हैं। घटना के विरोध में शुक्रवार को मसीही समुदाय और स्थानीय नागरिक मौन जुलूस निकालकर न्याय की मांग करेंगे।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आठ सदस्यीय SIT
खूंटी के एसपी ऋषभ गर्ग ने मामले की जांच तेज करते हुए आठ पुलिस पदाधिकारियों की विशेष टीम बनाई है। टीम में एएसपी अभियान क्रिस्टोफर केरकेट्टा, डीएसपी मंगल सिंह जामुदा, खूंटी थाना प्रभारी बाबू बंसी साव, मारंगहादा थाना प्रभारी जुगेश सिंह और मुरहू थाना प्रभारी गॉडविन केरकेट्टा समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं।
पुलिस घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता हमले में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी करना है।
नेताजी चौक से लोयोला कॉलेज तक निकलेगा मौन जुलूस
फादर बारला पर हमले के विरोध में शुक्रवार को मसीही समुदाय और स्थानीय नागरिक मौन जुलूस निकालेंगे। जुलूस नेताजी चौक से शुरू होकर लोयोला कॉलेज हॉस्टल ग्राउंड तक जाएगा, जहां इसका समापन होगा।
आयोजकों ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होकर हिंसा के खिलाफ एकजुटता दिखाने और न्याय की मांग उठाने की अपील की है। साथ ही, जुलूस के दौरान शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है।
खतरे से बाहर हैं फादर बारला
फादर बेनेडिक्ट बारला पर मंगलवार रात स्कूल परिसर में अज्ञात अपराधियों ने हमला किया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया। फिलहाल, उनकी स्थिति में लगातार सुधार बताया जा रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार, उनका ब्लड प्रेशर और शुगर का स्तर सामान्य हो गया है और जरूरी मेडिकल जांच पूरी कर ली गई हैं। घावों के चिकित्सकीय आकलन के बाद आगे के इलाज की प्रक्रिया तय की जाएगी। फादर बिसु ने भी उनके खतरे से बाहर होने की पुष्टि की है।
फादर बारला पर हुए हमले के बाद अब लोगों की नजर पुलिस जांच पर है। एक ओर समुदाय हमले के विरोध में न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती है।


