NCB की रडार पर शोभित सहाय..
कौन है ड्रग पैडलर अक्की..बड़े मॉल का मैनेजर
रांची। राजधानी रांची में ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के बीच लगातार नए खुलासों के दावे सामने आ रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार गिरिडीह निवासी आकाश मल्होत्रा के NSUI से जुड़े होने और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने से राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। वहीं, सिंडिकेट से जुड़े बताए जा रहे शोभित सहाय उर्फ गोलू की तलाश जारी होने और ‘अक्की’ नाम के एक अन्य कथित सप्लायर का जिक्र सामने आने से जांच का दायरा और व्यापक होने के संकेत मिल रहे हैं।
मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि जांच एजेंसियां कथित ड्रग नेटवर्क के संपर्कों, सप्लाई चेन और इससे अर्जित संपत्ति की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की तस्वीरों या राजनीतिक संबद्धता के आधार पर उसे किसी अपराध में शामिल मान लेना उचित नहीं है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
NSUI से जुड़ा बताया जा रहा आकाश, बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल
रांची ड्रग्स सिंडिकेट मामले में गिरफ्तार आकाश मल्होत्रा को NSUI का युवा नेता बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उसकी कुछ तस्वीरें कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ साझा की जा रही हैं। इनमें कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक इरफान अंसारी, विधायक राजेश कच्छप और NSUI के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के साथ तस्वीरें होने का दावा किया गया है।
इन तस्वीरों को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, किसी नेता के साथ तस्वीर होना अपने आप में किसी व्यक्ति के कथित अवैध कारोबार से संबंध का प्रमाण नहीं है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि संबंधित नेताओं को आकाश के खिलाफ लगाए गए आरोपों या उसके कथित नेटवर्क की पहले से कोई जानकारी थी या नहीं।
आकाश की सोशल मीडिया प्रोफाइल में कोयला, शराब और अन्य कारोबारों से जुड़े दावे होने की बात भी सामने आई है। गिरिडीह के कुछ स्थानीय सूत्रों के हवाले से उसके कारोबारी परिवार और दिल्ली तक राजनीतिक संपर्क होने की चर्चा है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
आयुष अग्रवाल और इवेंट कारोबार के संपर्कों की चर्चा
आकाश मल्होत्रा के करीबी संपर्कों में आयुष अग्रवाल का नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। आयुष को यूथ कांग्रेस से जुड़ा व्यक्ति और ट्रिशपी इवेंट कंपनी का संचालक बताया गया है। वहीं, आरेंज बॉक्स की संचालक साक्षी के साथ उसकी करीबी दोस्ती की चर्चा भी की जा रही है। इन संपर्कों की जांच में क्या भूमिका है, यह संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शोभित सहाय उर्फ गोलू की तलाश, नेटवर्क के कथित सूत्रधार पर नजर
इस मामले में शोभित सहाय उर्फ गोलू का नाम NCB के FIR में दर्ज है। NCB रिकॉर्ड के अनुसार शोभित को रांची के ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा बड़ा आरोपी बताया जा रहा है और उसकी तलाश की जा रही है। उसे कथित तौर पर पूरे नेटवर्क का अहम रणनीतिकार भी बताया जाता है।
जांच से जुड़े दावों के मुताबिक, रजत जैन और उससे जुड़े लोगों के नेटवर्क की भूमिका भी एजेंसियों की पड़ताल के दायरे में है। आरोप है कि इस सिंडिकेट के संपर्क देश के विभिन्न राज्यों तक फैले हो सकते हैं और विदेश में सक्रिय कथित ड्रग सप्लायरों से भी संबंधों की जांच की जा रही है।
कौन है ‘अक्की’? बड़े मॉल में मैनेजर होने का दावा
ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े कथित संपर्कों के बीच चर्चित पुकारु नाम ‘अक्की’ का भी जिक्र सामने आया है। उसे राजधानी के एक बड़े मॉल में मैनेजर बताया जा रहा है। दावा है कि शहर में आयोजित होने वाली बड़ी पार्टियों और टेक्नो पार्टियों के संपर्कों के जरिए उसकी पहचान कुछ ऐसे लोगों से रही है, जिन पर कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई से जुड़े होने के आरोप हैं।
कुछ दावों में ‘अक्की’ को पार्टी नेटवर्क में सक्रिय व्यक्ति बताया जा रहा है। हालांकि, झारखंड डिजिटल यह मानता है कि ऐसे मामलों में केवल उपनाम, सामाजिक संपर्क या पार्टी में मौजूदगी के आधार पर किसी को ड्रग पैडलर घोषित करना उचित नहीं होगा। जांच एजेंसियों की आधिकारिक पुष्टि के बिना इन दावों को आरोप या जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अब ड्रग्स से अर्जित संपत्ति पर भी नजर
इस पूरे मामले में आर्थिक जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि कथित ड्रग कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां किया गया और क्या इस रकम को वैध कारोबार, अचल संपत्ति या अन्य निवेश के जरिए छिपाने की कोशिश हुई।
जांच के दौरान बैंक लेन-देन, कारोबारी गतिविधियों, संपत्ति के स्वामित्व और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है। यदि जांच में अवैध कमाई के निवेश या धन के लेन-देन के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई सख्त हो सकती है। इस दिशा में सामने आने वाले तथ्य पूरे नेटवर्क की आर्थिक संरचना समझने में अहम साबित हो सकते हैं।
कई सवाल, जवाब का इंतजार
रांची ड्रग्स सिंडिकेट मामले में अब कई महत्वपूर्ण सवाल हैं – कथित सप्लाई नेटवर्क कितना बड़ा है? आरोपियों के बीच क्या संबंध थे? फरार बताए जा रहे लोगों की भूमिका क्या थी? और क्या कथित ड्रग कारोबार से अर्जित धन का निवेश दूसरे व्यवसायों में किया गया?
इन सवालों के जवाब जांच एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी, बरामद साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएंगे। फिलहाल, वायरल तस्वीरों, राजनीतिक संपर्कों और कथित कारोबारी रिश्तों ने मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
सबसे जरूरी बात: ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में नेटवर्क के हर पहलू की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही, किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक संगठन से जुड़े लोगों को अपना पक्ष जरूर रखना चाहिए.


