झारखंड कैबिनेट की बैठक में 62 अहम प्रस्तावों को हरी झंडी: रांची में 5000 बेड का मेडिको सिटी और 48 घंटे से अधिक काम पर श्रमिकों को मिलेगा अतिरिक्त वेतन
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित झारखंड कैबिनेट की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सुधार और ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूती देने से जुड़े कुल 62 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने इस बैठक के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और पुलिस प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए कई दूरगामी फैसले लिए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल: रांची में 284 करोड़ से बनेगा 5000 बेड का मेडिको सिटी
झारखंड की राजधानी रांची को स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने एक बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है।
लागत और क्षमता: कुल 284 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से 5000 बेड क्षमता वाले अत्याधुनिक मेडिको सिटी का निर्माण किया जाएगा।
जनता को लाभ: इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न केवल रांची, बल्कि राज्य भर के दूर-दराज के जिलों से आने वाले गंभीर मरीजों को बेहतर और किफायती इलाज मिल सकेगा।
MGM अस्पताल का विस्तार: इसके साथ ही एमजीएम (MGM) अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 500 बेड के नए अस्पताल निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे राज्य में भर्ती मरीजों की क्षमता में उल्लेखनीय इजाफा होगा।
विश्वविद्यालयों में हेल्थ यूनिट अनिवार्य: कुल बजट का 2% होगा स्वास्थ्य पर खर्च
कैबिनेट ने झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में हेल्थ यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है।प्राथमिक चिकित्सा एवं काउंसलिंग: इन हेल्थ यूनिटों में विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य परामर्श (काउंसलिंग) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बजटीय प्रावधान: इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को अपने कुल बजट का 2 प्रतिशत अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करना होगा।
सुरक्षा और पारदर्शिता: राज्य के सभी पुलिस थानों में लगेंगे CCTV कैमरे
गृह विभाग के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए सरकार ने राज्य के सभी पुलिस थानों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने के निर्णय को मंजूरी दे दी है।
पारदर्शिता में वृद्धि: इस कदम का मुख्य उद्देश्य थानों की दैनिक गतिविधियों की निगरानी करना, पुलिसिया कार्यशैली में सुधार लाना और आम नागरिकों के प्रति पारदर्शिता बढ़ाना है।
बजट स्वीकृति: इस योजना के तहत लंबित बजट से लगभग सवा करोड़ रुपये की राशि जारी करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
लेबर कानून में बड़ा बदलाव: 10 घंटे रोजाना और 48 घंटे साप्ताहिक सीमा तय
श्रम और रोजगार के क्षेत्र में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए कैबिनेट ने दूरगामी श्रम सुधारों को मंजूरी दी है।
नया नियम: यदि किसी प्रतिष्ठान में कर्मचारियों से एक दिन में 10 घंटे या एक सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम कराया जाता है, तो नियोक्ता को उस अतिरिक्त अवधि के लिए अतिरिक्त मेहनताना (ओवरटाइम) देना अनिवार्य होगा।
कर्मचारियों और विशेषज्ञों के लिए अहम फैसले
दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के नियम संशोधित: दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को पेंशन सुविधाओं का लाभ देने से जुड़े प्रावधानों के लिए 11 विभिन्न विभागों के नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई।
वेतन विसंगति दूर करने को कमेटी: राज्यकर्मियों के वेतन में एकरूपता लाने और पुरानी असमानताओं को दूर करने के लिए एक नई कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया।
झारखंड विशेषज्ञ अधिनियम: विभागों में विशिष्ट विषयों पर अनुसंधान और गहन अध्ययन के लिए बाहरी विशेषज्ञों की सेवाएं लेने हेतु कानूनी ढांचा तैयार किया जाएगा।
अन्य स्वीकृतियां: झारखंड आयुष भर्ती सेवा नियमावली के गठन को मंजूरी दी गई तथा प्रशासनिक अधिकारियों को निजी खर्च पर विदेश यात्रा की अनुमति से जुड़े प्रस्ताव पर सहमति बनी।
ग्रामीण विकास एवं पशुपालन: पेयजल के लिए 96 करोड़ और गोड्डा में फीड फैक्टरी
ग्रामीण झारखंड में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए दो मुख्य निर्णय लिए गए:
ग्रामीण पेयजल योजना: राज्य के विभिन्न गांवों में पेयजल किल्लत दूर करने और नए चापाकल लगाने के लिए 96 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।
गोड्डा में पशु आहार कारखाना: पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए गोड्डा में 50 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले आधुनिक पशु आहार कारखाने की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण चारा आसानी से उपलब्ध होगा।
कैबिनेट के इन 62 फैसलों से राज्य के आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस प्रशासन और श्रम अधिकारों में बड़े सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।


