पलामू: बहन की शादी में शामिल होने के लिए दुबई से घर लौटने की कोशिश कर रहे एक युवक के जेल पहुंचने का मामला सामने आया है। पलामू के हुसैनाबाद निवासी 23 वर्षीय शशि कुमार पासवान पिछले तीन महीने से दुबई की जेल में बंद हैं। उनके पिता ललन पासवान ने बेटे की रिहाई के लिए हुसैनाबाद थाना प्रभारी से मदद की गुहार लगाई है। पिता का आरोप है कि घर लौटने का भरोसा देकर एक दलाल ने उनके बेटे को अपने जाल में फंसा लिया।
हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के दादरा गांव (दंगवार) निवासी ललन पासवान ने इस संबंध में थाना प्रभारी को लिखित आवेदन दिया है। आवेदन के मुताबिक, शशि वर्ष 2025 में एक कंपनी में अनुबंध के तहत काम करने दुबई गए थे। इसी बीच हुसैनाबाद में उनकी छोटी बहन की शादी 26 जून 2026 को तय हुई। शादी में शामिल होने के लिए शशि घर लौटना चाहते थे।
पिता के अनुसार, इसी दौरान शशि की मुलाकात दुबई में एक दलाल से हुई। आरोप है कि दलाल ने उन्हें घर भेजने का भरोसा दिया और उनसे पैसे भी ले लिए। हालांकि, बाद में प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पहले दलाल और फिर शशि भी जेल पहुंच गए। फिलहाल, शशि किस कानूनी मामले में बंद हैं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पत्नी ने टेलीग्राम से जुड़े मामले में फंसाने की कही बात
शशि की पत्नी सुमित्रा ने फोन पर बताया कि उनके पति ने उन्हें जानकारी दी है कि दलाल ने उन्हें टेलीग्राम से जुड़े एक मामले में फंसा दिया है। सुमित्रा के मुताबिक, शशि पिछले तीन महीने से दुबई की जेल में बंद हैं। बेटे के विदेश में जेल में होने से परिवार परेशान है। पिता ने पुलिस से आवश्यक पहल कर बेटे की रिहाई में मदद करने की मांग की है।
पलामू एसपी को भेजी जाएगी रिपोर्ट
मामले पर हुसैनाबाद थाना प्रभारी चंदन कुमार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है। युवक दुबई में नौकरी करता था और बहन की शादी में शामिल होने के लिए घर लौटना चाहता था। इसी सिलसिले में उसका संपर्क दुबई में एक दलाल से हुआ था। थाना प्रभारी के अनुसार, दलाल के जेल जाने के बाद युवक भी जेल चला गया।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर पलामू एसपी को भेजी जाएगी। परिजनों को भी उचित स्थान पर आवेदन देने और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा गया है।
फिलहाल, शशि की गिरफ्तारी के वास्तविक कारण, मामले की कानूनी स्थिति और उनकी रिहाई की संभावनाओं को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार को अब संबंधित अधिकारियों की पहल का इंतजार है।


