हरियाणा के पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में छह साल की बच्ची के साथ मारपीट के मामले में अब कई अहम कार्रवाई हुई हैं। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आठ साल के आरोपी बच्चे को अंबाला के ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया है। वहीं, पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती बच्ची की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। मामले में स्कूल की दो शिक्षिकाओं को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब स्कूल के प्रिंसिपल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?
घटना 28 अक्टूबर को पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित स्कूल की थी। आरोप है कि तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले आठ साल के बच्चे ने छह साल की बच्ची के साथ क्लासरूम में बेरहमी के साथ मारपीट की थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया।
बच्ची को गंभीर चोटें आई थीं और उसे इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया। ताजा जानकारी के मुताबिक, उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।
वहीं, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने 31 अक्टूबर को बच्चे को जांच पूरी होने तक अंबाला के ऑब्जर्वेशन होम में रखने का आदेश दिया। चूंकि आरोपी बच्चा नाबालिग है, इसलिए उसके मामले में किशोर न्याय कानून के तहत प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उसकी मनोवैज्ञानिक और चिकित्सकीय जांच भी कराई जा रही है।
स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई, जांच कमेटी गठित
मामले की शुरुआती जांच में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने प्रिंसिपल, बच्ची की क्लास इंचार्ज और स्कूल के चौकीदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, जिला शिक्षा विभाग ने दो जूनियर बेसिक शिक्षिकाओं को निलंबित किया है। 1 नवंबर को स्कूल के प्रिंसिपल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
हरियाणा सरकार ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाने और राज्य के स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराने की भी बात कही है।
इसके अलावा, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने स्कूल में बच्चों की निगरानी, शिक्षकों की ड्यूटी और सीसीटीवी व्यवस्था से जुड़ी जानकारी मांगी है।


