रांची: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने देश में लोकतंत्र और राजनीतिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने वाले राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों पर निशाना साधा है। परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और छात्र संगठन, जिनमें कम्युनिस्ट पार्टी और SFI जैसे संगठन शामिल हैं, देश और लोकतंत्र के खतरे में होने का दावा कर रहे हैं, जो पूरी तरह निराधार है।

ABVP कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब यही संगठन अलग-अलग जगहों पर चुनाव जीतते हैं, तब उन्हें लोकतंत्र खतरे में नजर नहीं आता। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर भी सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिन जगहों पर बैलेट पेपर से चुनाव हो रहे हैं, वहां भी इन संगठनों को हार का सामना करना पड़ रहा है।
‘लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश’
ABVP ने कहा कि देश की युवा शक्ति यह स्पष्ट करना चाहती है कि भारत में लोकतंत्र खतरे में नहीं है। बल्कि लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाने और छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। विद्यार्थी परिषद ऐसे प्रयासों के खिलाफ आवाज उठाएगी और छात्रों को जागरूक करेगी।
परिषद के कार्यकर्ताओं ने बताया कि देश के अलग-अलग राजधानी केंद्रों में ‘अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ के नारे के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को एकजुट करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
बांग्लादेश के सत्ता परिवर्तन का भी किया जिक्र
ABVP कार्यकर्ताओं ने अपने बयान में बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन भारत में भी उसी तरह की राजनीतिक स्थिति पैदा करना चाहते हैं। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारत में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने दी जाएगी। विद्यार्थी परिषद लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ काम करने वाले लोगों का विरोध करेगी और देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।


