मांडर: टोल शुल्क में अचानक हुई बढ़ोतरी ने मांडर के टर्बो वाहन चालकों और मालिकों की नाराजगी बढ़ा दी है। बुधवार को इसी के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों और वाहन मालिकों ने मांडर टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने रांची जाने वाली सड़क की एक लेन पर आवागमन रोक दिया, जिससे कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले टर्बो वाहनों से 30 से 50 रुपये तक टोल लिया जाता था, लेकिन अब यह शुल्क बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

एक महीने से लगा रहे थे अधिकारियों के चक्कर, नहीं निकला समाधान
वाहन चालकों और मालिकों का कहना है कि उन्होंने टोल शुल्क में बढ़ोतरी का मामला पहले भी अधिकारियों के सामने उठाया था। करीब एक महीने पहले डीएसपी, थाना प्रभारी और एसडीओ कार्यालय में मांग पत्र सौंपकर इस समस्या के समाधान की मांग की गई थी। इसके बावजूद उन्हें अब तक कोई ठोस आश्वासन या राहत नहीं मिली। इसी नाराजगी के चलते बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में लोग टोल प्लाजा पहुंचे और एक लेन को जाम कर दिया।
जाम में फंसी एंबुलेंस, पुलिस ने संभाली स्थिति
प्रदर्शन के कारण टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। इस दौरान एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। सूचना मिलने पर मांडर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाया, जिसके बाद लोगों ने जाम हटा लिया।
मैनेजर ने मांगा एक दिन का समय, कंपनी तक पहुंचेगी मांग
जाम हटने के बाद टोल प्लाजा के मैनेजर अमरजीत और वाहन मालिकों के बीच बातचीत हुई। मैनेजर ने बताया कि वह कंपनी के अधिकारियों के समक्ष वाहन मालिकों की मांग रखेंगे। इसके लिए उन्होंने एक दिन का समय मांगा और आश्वासन दिया कि कंपनी से बातचीत के बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसकी जानकारी वाहन मालिकों को दी जाएगी।
फिलहाल मैनेजर के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया है, लेकिन टोल शुल्क को लेकर वाहन मालिकों की नाराजगी बरकरार है। अब निगाहें कंपनी के फैसले पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या कंपनी वाहन चालकों की मांगों को देखते हुए बढ़े हुए शुल्क पर पुनर्विचार करेगी या फिर उन्हें इसी दर पर टोल चुकाना पड़ेगा?


