राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन भाकपा (माओवादी) के मगध जोन में फिर से पैर पसारने और हथियार-गोला बारूद खरीदने के लिए ठेकेदारों से जबरन वसूली (लेवी) करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए ने इस आपराधिक साजिश के मामले में छठे आरोपी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है।
एनआईए की विशेष अदालत में पूरक आरोपपत्र दायर किया, जिसमें चंदन कुमार को एक प्रमुख आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। यह पूरा मामला दिसंबर 2021 में एनआईए द्वारा स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लेकर दर्ज किए गए केस संख्या RC-05/2021/NIA/RNC से जुड़ा हुआ है।
मुंबई से हुई थी आरोपी की गिरफ्तारी
एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी चंदन कुमार, जिसे इसी साल जनवरी 2026 में मुंबई से गिरफ्तार किया गया था, भाकपा (माओवादी) के लिए फंड जुटाने (लेवी वसूली) के काम में सक्रिय रूप से शामिल था। इसके अलावा, वह संगठन के पुराने कैडरों को दोबारा जोड़कर मगध जोन को पुनर्जीवित करने की कोशिशों में जुटा था, ताकि हिंसक वारदातों के जरिए माओवादी विचारधारा का प्रसार किया जा सके।
ठेकेदारों से वसूली जाती थी भारी रकम
जांच में यह भी स्थापित हुआ है कि इस साजिश के तहत ठेकेदारों से भारी मात्रा में लेवी वसूली जाती थी और विभिन्न अवैध चैनलों के माध्यम से इस पैसे को माओवादियों तक पहुंचाया जाता था। एनआईए के अनुसार, भाकपा (माओवादी) की एसएसी (SAC) के प्रमुख सदस्य प्रद्युम्न शर्मा, आरोपी अभिनव और चंदन कुमार समेत प्राथमिकी (FIR) में नामजद अन्य लोग इस पूरी आपराधिक साजिश का हिस्सा थे।
एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।


