रांची। नीट यूजी 2026 में जिले के होनहार विद्यार्थियों ने एक बार फिर मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में झंडे गाड़े हैं, और इसी उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए शनिवार को बायोम इंस्टीट्यूट की ओर से शहर में भव्य NEET विक्ट्री सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया. सफलता से सराबोर छात्र-छात्राओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप और उत्साह भरे नारों के बीच शहर की सड़कों पर विजय रैली निकाली, जिसने पूरे शहर का माहौल जश्न में बदल दिया.
दो अलग-अलग रैलियों ने बांधा शहर में उत्साह
आयोजन के तहत शहर में दो जगहों से विजय रैलियां निकाली गईं. पहली रैली नगड़ा टोली स्थित बायोम इंस्टीट्यूट परिसर से शुरू होकर हरिओम टावर तक पहुंची, जबकि दूसरी रैली हिनू स्थित शिवपुरी परिसर से रवाना होकर हिनू चौक तक गई. दोनों ही रैलियों के दौरान रास्ते में खड़े लोगों ने फूल-मालाओं और तालियों की गूंज के साथ सफल विद्यार्थियों का जोरदार स्वागत किया. अभिभावकों और शिक्षकों की आंखों में गर्व और खुशी के भाव साफ झलक रहे थे, जिन्होंने वर्षों की मेहनत को इस पल में साकार होते देखा.
संस्थान का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: आंकड़ों में सफलता की कहानी
बायोम इंस्टीट्यूट ने इस वर्ष नीट यूजी परीक्षा में अपने अब तक के सबसे शानदार प्रदर्शनों में से एक दर्ज किया है. इस साल संस्थान से कुल 1865 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 1654 विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक क्वालीफाई किया — यानी लगभग 89 प्रतिशत की सफलता दर. इनमें से 42 विद्यार्थियों ने 600 से अधिक अंक हासिल कर उत्कृष्टता की मिसाल पेश की, वहीं 174 से अधिक विद्यार्थियों के इस वर्ष मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है.
टॉप रैंक धारकों ने रोशन किया संस्थान का नाम
संस्थान के कई विद्यार्थियों ने विभिन्न श्रेणियों में उल्लेखनीय अखिल भारतीय रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. इनमें अक्षय सिन्हा (रैंक-224, ईडब्ल्यूएस), श्रेया सुमन (रैंक-359, ईडब्ल्यूएस) और अपर्णा (रैंक-462, ईडब्ल्यूएस) शीर्ष स्थान पर रहे. इसके अलावा अमृत राज (रैंक-765), साकिब अहमद (रैंक-815), जतिन कुमार (रैंक-883) और अक्षत प्रेम (रैंक-1074, जेनरल) ने भी शानदार परिणाम दर्ज किए.
दो हजार से पांच हजार की रैंक श्रेणी में सुमित, मयंक राज, हर्ष कुमार, अंकित, आसिफ रज़ा, तरुण तेजपाल, ऋषिका पांडे, हर्षवर्धन, अमृता, शिवम कुमार, ऋषभ तिवारी, श्रेया झा, दीपा कुमारी, रोहनप्रीत, आकांक्षा कुमारी और ऋषभ कुमार जैसे विद्यार्थी शामिल रहे. वहीं एसटी श्रेणी में आयुष सिंह ने रैंक-108 हासिल कर विशेष उपलब्धि दर्ज की. संस्थान के अनुसार, सूची में शामिल इन नामों के अतिरिक्त भी कई अन्य छात्र-छात्राओं ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है.
विद्यार्थियों ने बताया सफलता का राज
जश्न के दौरान सफल विद्यार्थियों ने खुले दिल से अपनी सफलता का श्रेय नियमित और अनुशासित अध्ययन, संस्थान की टेस्ट सीरीज़, अनुभवी शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन और परिवार के अटूट सहयोग को दिया. विद्यार्थियों ने कहा कि संस्थान का अनुशासित शैक्षणिक माहौल और लगातार अभ्यास ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहा, जिसने उन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षा के दबाव में भी संयम और आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद की.
निदेशक ने विद्यार्थियों की मेहनत को सराहा
बायोम इंस्टीट्यूट के निदेशक पंकज सिंह ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी मेहनत और लगन से शानदार परिणाम हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया है. उन्होंने इस सफलता को विद्यार्थियों, अभिभावकों और संस्थान की पूरी अकादमिक टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया. निदेशक ने आगे कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं है, बल्कि उन्हें एक मजबूत शैक्षणिक आधार देना है, ताकि वे भविष्य में बेहतर और संवेदनशील डॉक्टर बन सकें.



