देवघर/सुल्तानगंज। श्रावणी मेला 2026 में जहां एक ओर लाखों कांवरिये पारंपरिक तरीके से सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर तक की लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं, वहीं इस बार आस्था का एक अनोखा और रोमांचक रूप देखने को मिल रहा है। पहली बार कुछ शिवभक्त स्केटिंग करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकले हैं। तेज रफ्तार स्केट्स पर संतुलन बनाते हुए, कंधों पर कांवर और मुख पर “बोल बम” तथा “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ आगे बढ़ते ये शिवभक्त श्रद्धालुओं और राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
सुल्तानगंज से देवघर तक की कांवर यात्रा देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। इस यात्रा में श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल भरकर बिना उसे जमीन पर रखे बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग तक पहुंचते हैं और जलाभिषेक करते हैं। परंपरागत रूप से श्रद्धालु नंगे पांव, दंडवत प्रणाम करते हुए या सामान्य पैदल यात्रा कर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। लेकिन इस वर्ष स्केटिंग के माध्यम से की जा रही यात्रा ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
रास्ते भर जहां-जहां ये स्केटिंग कांवरिये गुजर रहे हैं, वहां लोग रुककर उन्हें देख रहे हैं। कई श्रद्धालु उनके साथ तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस अनोखी यात्रा के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह आस्था के साथ साहस, संतुलन और आत्मविश्वास का अद्भुत उदाहरण है।
स्केटिंग करते हुए यात्रा करना सामान्य बात नहीं है। लगभग 105 किलोमीटर की दूरी तय करने के दौरान सड़क की स्थिति, भीड़, मौसम और लगातार संतुलन बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं होता। इसके बावजूद शिवभक्त पूरी सावधानी के साथ यात्रा कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह केवल रोमांच नहीं बल्कि भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी आस्था और समर्पण का प्रतीक है। उनका कहना है कि चाहे माध्यम बदल जाए, लेकिन भक्ति और श्रद्धा वही रहती है।
श्रावणी मेला हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। झारखंड सरकार और जिला प्रशासन द्वारा कांवरियों की सुविधा के लिए चिकित्सा शिविर, पेयजल, विश्राम स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी की व्यापक व्यवस्था की गई है। इस बार भी बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं।
धार्मिक यात्रा में समय के साथ नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं, लेकिन उनका मूल उद्देश्य भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और समर्पण ही रहता है। स्केटिंग करते हुए की जा रही यह कांवर यात्रा इसी बदलते दौर की एक अनूठी मिसाल बन गई है। आस्था, साहस और आधुनिक सोच का यह संगम श्रावणी मेला 2026 की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गया है।
श्रावणी मेले में हर साल कुछ न कुछ नया देखने को मिलता है, लेकिन इस बार स्केटिंग करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ते शिवभक्तों ने यह संदेश दिया है कि भक्ति का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और विश्वास हमेशा अटल रहता है।



