नई दिल्ली में हुई मुलाकात, झारखंड राजभवन की दो वर्षों की प्रमुख पहलों और जनकल्याणकारी गतिविधियों से कराया अवगत
नई दिल्ली/रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने उपराष्ट्रपति को लोक भवन, झारखंड द्वारा प्रकाशित पुस्तक “संवाद से विश्वास” की प्रति भेंट की। इस पुस्तक में राज्यपाल के पिछले दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान संचालित प्रमुख पहलों, जनहित कार्यक्रमों, संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन तथा विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तृत संकलन किया गया है।
राजभवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। राज्यपाल ने उपराष्ट्रपति को झारखंड में राजभवन की ओर से शिक्षा, युवाओं, अनुसूचित जनजातियों, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने राज्य में विभिन्न विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के साथ किए गए संवाद एवं सहयोगात्मक प्रयासों पर भी चर्चा की।
राज्यपाल ने उपराष्ट्रपति को भेंट की गई “संवाद से विश्वास” पुस्तक के बारे में बताते हुए कहा कि यह प्रकाशन केवल गतिविधियों का संकलन नहीं, बल्कि जनता और राजभवन के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में किए गए प्रयासों का दस्तावेज है। पुस्तक में राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों, विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ संवाद, पर्यावरण संरक्षण, युवा प्रेरणा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों का उल्लेख किया गया है।
बैठक के दौरान दोनों संवैधानिक पदाधिकारियों के बीच झारखंड के समग्र विकास, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, युवाओं के कौशल विकास, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा जनभागीदारी बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल ने झारखंड में राजभवन द्वारा संचालित विभिन्न नवाचारों और जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी भी उपराष्ट्रपति को दी।
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का झारखंड से विशेष जुड़ाव रहा है। वे वर्ष 2023 से 2024 तक झारखंड के राज्यपाल भी रह चुके हैं। इस कारण राज्य के प्रशासनिक, शैक्षणिक और सामाजिक परिवेश से वे भली-भांति परिचित हैं। वर्तमान में देश के उपराष्ट्रपति के रूप में वे संवैधानिक दायित्वों के साथ-साथ राज्यसभा के सभापति की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।
वहीं, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार भी अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा, सामाजिक समावेशन, युवा सहभागिता और सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करते रहे हैं। राजभवन की पहल पर विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, नवाचार, शोध तथा विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद जैसे कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी गई है।
राजभवन के अनुसार, “संवाद से विश्वास” प्रकाशन का उद्देश्य राज्यपाल के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों, पहलों और गतिविधियों को एक दस्तावेज के रूप में संजोना है, ताकि आम नागरिक, शोधकर्ता और नीति-निर्माता इन प्रयासों से परिचित हो सकें। यह पुस्तक राजभवन की पारदर्शी कार्यशैली, संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ निरंतर संवाद की भावना को भी प्रतिबिंबित करती है।
यह शिष्टाचार भेंट न केवल संवैधानिक मर्यादाओं का प्रतीक रही, बल्कि झारखंड में सुशासन, शिक्षा, सामाजिक विकास और जनविश्वास को सुदृढ़ करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर साझा करने का भी महत्वपूर्ण अवसर बनी।



