केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने थोड़ी सख्ती क्या दिखाई धनबाद में CISF ने रौद्र रुप दिखा दिया. लेकिन, बड़ी मजेदार बात यह है कि धनबाद में जहां CISF सख्त है वहीं रामगढ़ में पूरी तरह मस्त है. जैसे ही धनबाद में ऐक्शन शुरु हुआ रामगढ़ के कोयला माफियाओं का धंधा पूरे शबाब पर आ गया है. रामगढ़ के केदला, कुजू, करमटिया, लईयो समेत कई इलाकों पर खतरा मंडरा रहा है. खतरा..भूधसान का..कभी भी रामगढ़ में बड़ा हादसा हो सकता है और सैकड़ों लोगों के जान माल के नुकसान की आशंका जतायी जा रही है. रामगढ़ में अवैध कोयले का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है और इन सबके पीछे स्थानीय माफिया, स्थानीय पुलिस और CISF का हाथ बताया जा रहा है. अगर CISF ना चाहे तो सीसीएल का कोयला आखिर कैसे डेहरी, बनारस की मंडी में खुलेआम बेचा जा रहा है.
केन्द्रीय गृह मंत्रालय का ध्यान धनबाद पर
भूधसान से जूझ रहे धनबाद जैसी हालत ना हो जाए रामगढ़ की
रामगढ़ में धड़ल्ले से चल रहा कोयले का अवैध खनन
केदला, कुजू, करमटिया, लईयो समेत कई इलाकों पर खतरा
केवल घाटो थानाप्रभारी ही खंगाल सकते हैं इनके राज
रामगढ़ का एक इलाका है घाटो..यहां के थानाप्रभारी हैं दीपक कुमार. इलाके के स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ नाम हैं जो कोयला के अवैध खनन में पूरे इलाके में दहशत की तरह लिए जाते हैं लेकिन इनके खिलाफ कोई कुछ नहीं बोल सकता. हां, घाटो थानाप्रभारी दीपक कुमार अगर चाहेंगे तो उनको इस बारे में जरुर जानकारी होनी चाहिए क्योंकि उनके इलाके में आखिर यह लोग कैसे खुलेआम धंधा कर सकते हैं. अपने थानाक्षेत्र में दीपक कुमार की काफी पकड़ मानी जाती है. दीपक जी अगर चाहेंगे तो 6 नम्बर इलाके के अवैध खनन करने वालों में दिवाकर महतो, मनोज, करन महतो और बिहारी महतो का जो नाम मुख्य रुप से सामने आते रहा है इनपर जरुर नकेल कस देंगे. इस प्वाइंट के लिए इन अवैध कोयला कारोबारियों ने इलाके में करीब 8 से 9 रेजिंग प्वाइंट बनाए हैं जहां से स्थानीय लोगों को डरा धमकाकर कोयले की निकासी की जा रही है.
अवैध खनन में हो गया था ब्लास्ट, एक की हुई मौत
6 नंबर क्षेत्र में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान हाल में ही एक भीषण ब्लास्ट हो गया था. इस हादसे में 28 वर्षीय सावन किस्कू (निवासी: तिलैया पंचायत, गोमिया विधानसभा) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए. घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, खदान के अंदर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, जो ब्लास्ट का कारण बनी. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह अवैध खनन JLKM पार्टी के पूर्व प्रत्याशी बिहारी महतो के संरक्षण में संचालित किया जा रहा था. घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है. ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी हालांकि, कार्रवाई क्या हुई यह स्थानीय लोगों को भी नहीं पता है.
करमटिया और रजरप्पा में खुलेआम अवैध खेल
कोयले के अवैध धंधेबाजों ने करमिटया प्वाइंट के नाम से गोसी, लाहटुंगरी, लईयो समेत कई इलाकों से अवैध रेजिंग शुरु कर दी है. यह पूरा इलाका संजू, दीपक और मुस्तफा के हवाले कर दिया गया है. वहीं, रजरप्पा इलाके में सुनील यादव का धंधे पर कब्जा है. इन धंधेबाजों के कारण झारखंड को करोड़ों के राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा है केन्द्र सरकार की कारर्वाई पर भी सवाल उठ रहे हैं. अगर, कोयले के अवैध खनन को रोकना है तो इन धंधेबाजों पर नकेल कसना जरुरी माना जा रहा है.
अब जरा मैनज का रेट भी समझ लिजीए
डेहरी से लेकर बनारस तक रामगढ़ के कोयले की आंच तेज मानी जाती है. खराब सीजन में भी एक गाड़ी कोयला का रेट 8000 रुपये टन से शायद ही नीचे आता है और यह सार्वजनिक है इसे कोई भी खंगाल सकता है. मतलत 30 टन की एक गाड़ी की कीमत करीब 2 लाख 40 हजार रुपये होती है. लेकिन खर्च भी बहुत है प्रति गाड़ी निकालने में …बताया जा रहा है कि इलाके के 3 बड़े माननीयों के नाम से प्रति गाड़ी 3000 रुपये मतलब 9000 रुपये, जंगलराज (जो बचा नहीं) उसके नाम से 3000 रुपये प्रति गाड़ी, जिले में सक्रिय तीन गैंग विकास तिवारी गैंग, राहुल दुबे गैंग और अमन श्रीवास्तव गैंग के नाम से प्रति माह 3 लाख (टेरर फंडिंग) का खर्च और इन सबके बाद स्थानीय पुलिस का नाम आता है जिनके नाम से 8000 रुपये प्रति गाड़ी का खर्च बताया जा रहा है.
सीजन खत्म होने के बाद धनबाद की छापामारी
पूरे धनबाद में लगातार छापामारी की जा रही है. हालांकि, यह कार्रवाई बरसात यानि आफ सीजन में की जा रही है इसलिए जो अवैध खनन का कोयला जप्त हो रहा है वह सीजन में होने वाले कोयले के अवैध कारोबार का 20 प्रतिशत भी नहीं माना जा सकता. जानकार बताते हैं कि CISF की यही कर्रवाई अगर सितम्बर अक्टूबर से लेकर मई जून माह के बीच में चली तो धनबाद से होने वाले करोड़ों के अवैध वसूली पर पूरी तरह पाबंदी लग जाएगी.



