रांची। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित आदिवासी महोत्सव के तहत रविवार को अमर शहीद चांद-भैरव मुर्मू मंडप में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी जीवन, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सरोकारों पर आधारित कई शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों के साथ अभिनेत्री कल्याणी खत्री और झारखंड के फिल्म निर्देशक बीजू टोप्पो एवं निरंजन कुजूर मौजूद रहे। बड़ी संख्या में युवाओं और विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने फिल्म स्क्रीनिंग में हिस्सा लिया।
स्क्रीनिंग के दौरान EPIL, PANCHABHUTA, PAHADA KUDUK, BURO GHAR, LONG LOST HOME, SONDHAYNI, ANGEN, SARI SARJOM और LADY TARZEN समेत कई फिल्मों के जरिए आदिवासी समाज के जीवन और संस्कृति को पर्दे पर उतारा गया।
फिल्म इंडस्ट्री में करियर पर चर्चा
कार्यक्रम में फिल्म मेकिंग में करियर को लेकर विशेष पैनल डिस्कशन भी हुआ। सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के शुक्रांतो मजूमदार ने साउंड प्रोडक्शन के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं और संस्थान के विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। शिलाजीत सान्याल ने फिल्म मेकिंग के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को युवाओं के लिए अवसरों का माध्यम बताया।
फिल्म निर्देशक निरंजन कुजूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को रचनात्मकता और लगातार सीखने के लिए प्रेरित किया। वहीं अभिनेत्री कल्याणी खत्री ने अनुशासन, मेहनत और समर्पण को फिल्म इंडस्ट्री में सफलता की कुंजी बताया और अपने संघर्ष के अनुभव युवाओं से साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को फिल्म निर्माण से जुड़े पाठ्यक्रमों, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। 10 अगस्त को युवाओं के लिए विशेष फिल्म मेकिंग मास्टर क्लास आयोजित की जाएगी, जिसमें विशेषज्ञ फिल्म निर्माण की बारीकियों से प्रतिभागियों को रूबरू कराएंगे।
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