गढ़वा: जिले के कांडी प्रखंड में एक शिक्षक के तबादले को लेकर शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को अचानक उग्र हो गया। पिछले तीन दिनों से शिक्षक के तबादले को रोकने की मांग कर रहे स्कूली छात्रों और प्रखंड प्रमुख के बीच विवाद के बाद स्थिति बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर प्रखंड प्रमुख की गाड़ी में तोड़फोड़ की और बाद में कांडी थाना परिसर की ओर पथराव कर दिया। घटना में एक पुलिस जवान के सिर में गंभीर चोट लगी है।
मामला कांडी थाना के पास स्थित +2 हाई स्कूल से जुड़ा है। यहां कार्यरत शिक्षक मलय सिंह के तबादले की खबर के बाद छात्र विरोध में उतर आए। छात्रों का कहना है कि शिक्षक का तबादला नहीं किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर छात्र लगातार तीन दिनों से आंदोलन कर रहे थे और बुधवार को उन्होंने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
छात्रों को समझाने पहुंचे प्रखंड प्रमुख
सड़क जाम की जानकारी मिलने के बाद प्रखंड प्रमुख पिंकू पांडेय मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान किसी बात को लेकर छात्रों और प्रमुख के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि बातचीत के दौरान प्रखंड प्रमुख ने एक छात्र को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया।
आक्रोशित छात्रों ने प्रखंड प्रमुख की गाड़ी को घेर लिया और उसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख प्रखंड प्रमुख वहां से निकलकर कांडी थाना पहुंचे।
थाने के बाहर भी नहीं थमा छात्रों का आक्रोश
प्रखंड प्रमुख के थाना पहुंचने के कुछ देर बाद बड़ी संख्या में छात्र भी थाना परिसर के पास पहुंच गए। यहां स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि छात्रों की ओर से थाना परिसर की तरफ पथराव किया गया।
अचानक हुए पथराव में एक पुलिस जवान के सिर पर पत्थर लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से खून निकलने लगा। घटना के बाद पुलिसकर्मियों में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
इलाके में बढ़ाई गई पुलिस की मौजूदगी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। तनाव को देखते हुए इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।
फिलहाल छात्रों की मुख्य मांग शिक्षक मलय सिंह का तबादला रोकने की है। तीन दिनों से जारी आंदोलन के बाद विवाद के उग्र रूप लेने से अब प्रशासन के सामने स्थिति को शांत कराने और छात्रों की मांग पर बातचीत करने की चुनौती है।
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