रांची। आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने मिनरल बेयरिंग लैंड यानी खनिज संपदा वाली भूमि पर सेस राशि लेने का अधिकार झारखंड को दिए जाने की मांग की है। रांची में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ निश्चित शर्तों के साथ राज्य को यह अधिकार मिलना चाहिए, ताकि खनन से प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के विकास पर राशि खर्च की जा सके।
शर्तों के साथ सेस लगाने का अधिकार मिले
सुदेश महतो ने MMDR अधिनियम में संशोधन का हवाला देते हुए कहा कि धारा 9D के तहत कुछ शर्तों के साथ राज्यों को सेस लगाने का अधिकार देने का रास्ता खुला है। उन्होंने केंद्र से मांग की कि झारखंड को यह अधिकार दिया जाए और सेस से मिलने वाली राशि को केवल खनन प्रभावित इलाकों के विकास पर खर्च करने की व्यवस्था हो।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, बेहतर स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही राशि के इस्तेमाल की पारदर्शी निगरानी व्यवस्था बनाने की मांग की।
DMFT फंड के इस्तेमाल पर सवाल
आजसू अध्यक्ष ने DMFT फंड के उपयोग को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कथित वित्तीय अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इस फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों का विकास और लोगों का जीवन स्तर बेहतर करना है। उन्होंने सरकार के बजट खर्च पर भी सवाल उठाते हुए विभिन्न विभागों में राशि के कम उपयोग का दावा किया।
JSSC CGL मामले में CBI जांच की मांग
सुदेश महतो ने JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में पहले CID की रिपोर्ट और वर्तमान जांच के रुख में विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि कथित नौकरी घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच होनी चाहिए।उन्होंने राज्य सरकार से केंद्र के साथ टकराव के बजाय संवाद के जरिए झारखंड के हितों को सामने रखने की अपील की। साथ ही कहा कि सेस से मिलने वाली राशि का लाभ सीधे खनन प्रभावित लोगों तक पहुंचना चाहिए।
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