धनबाद: झारखंड के धनबाद में एक बार फिर जमीन धंसने की घटना ने लोगों को दहला दिया। शनिवार दोपहर बस्ताकोला क्षेत्र में बंद झरिया आरएसपी कॉलेज के पास स्थित कामिनी कल्याण बस्ती में अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे।
बताया जा रहा है कि भू-धंसान की वजह से करीब 13 घर प्रभावित हुए हैं, जबकि कई मकानों में दरारें आ गई हैं। जमीन धंसने के कारण भूमिगत पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे बस्ती में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है।
जमीन धंसी तो मची भगदड़ जैसी स्थिति
घटना के वक्त अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसके बाद जमीन के धंसने से आसपास के मकानों में दरारें पड़ने लगीं। देखते ही देखते लोगों में दहशत फैल गई। बस्ती के लोग घर छोड़कर बाहर निकल आए।
घटना की सूचना मिलने के बाद माइंस रेस्क्यू की तकनीकी टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति की जांच शुरू की।
गुस्साए लोगों ने सड़क पर किया प्रदर्शन
घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों के सड़क पर उतरने से मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
लोगों की मांग थी कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जमीन धंसने की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे
मामले की जानकारी मिलते ही मेयर संजीव सिंह सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बीसीसीएल अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू करने को कहा।
इसके बाद बस्ताकोला जीएम एसके गायकवाड़ और राजापुर परियोजना पदाधिकारी एम कुंडू भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
वहीं, सिंदरी डीएसपी प्रकाश चंद महतो भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल ठहरने की व्यवस्था
मेयर संजीव सिंह ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था की जाएगी।
फिलहाल बेघर हुए आशीष रवानी, निरंजन रवानी, बेबी देवी और विश्वजीत दे के परिवारों के लिए रात में ठहरने की व्यवस्था बस्ताकोला रेस्क्यू स्कूल स्थित जीएम कार्यालय में कराई गई है।
फिलहाल इलाके में जमीन धंसने के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, घटना के बाद प्रभावित परिवारों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
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