रांची। राजधानी रांची के जिला स्कूल में 53वीं राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यभर से विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस प्रदर्शनी में छात्रों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित से जुड़े अपने रचनात्मक मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इस वर्ष की थीम “विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत ” थी। जिसके के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित” रखी गई थी।
बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर मौका
प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें आगे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा।
शिक्षा निदेशक बोले- बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ना जरूरी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को शुरुआत से ही प्रायोगिक और व्यावहारिक तरीके से सीखने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों में स्वाभाविक रूप से जिज्ञासा और नवाचार की क्षमता अधिक होती है, इसलिए उन्हें कम उम्र से ही विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए।उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित होती है और यही बच्चे आगे चलकर नए आविष्कार कर लोगों का जीवन सुगम बनाने वाली तकनीकें विकसित करेंगे।
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