रांची: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में 21 अगस्त को रांची में आयोजित छात्र आंदोलन को लेकर एक युवती ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत देकर मारपीट, छेड़छाड़, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से नामजद आरोपियों के साथ मौके पर मौजूद 35-40 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में युवती ने बताया है कि वह 21 अगस्त को JPSC-JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में आयोजित छात्र आंदोलन में शामिल हुई थी। उसके अनुसार, वह आंदोलन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला लेकर जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसके हाथ से पुतला कथित तौर पर जबरन छीन लिया।
विरोध करने पर मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप
लिखित शिकायत के मुताबिक, पुतला छीने जाने का विरोध करने और उसे वापस लेने का प्रयास करने पर युवती के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। उसने इसी दौरान छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। आवेदन में एक नामजद व्यक्ति पर कथित तौर पर अपमानजनक और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है।
8 लोगों को बनाया नामजद आरोपी
युवती ने अपने आवेदन में नवीन चंचल, उत्तम यादव, शाहबाज़ मलिक, मुस्ताक आलम, आशुतोष वर्मा उर्फ सोनू वर्मा, अंकिता वर्मा, डॉ. हेमलाल कुमार मेहता और अश्विनी शर्मा को नामजद आरोपी बनाया है।
इसके अलावा शिकायत में कहा गया है कि मौके पर करीब 35-40 अन्य लोग भी मौजूद थे, जिन्होंने कथित तौर पर आरोपियों का साथ दिया और घटना में शामिल रहे। शिकायतकर्ता ने कहा है कि इन लोगों के नाम फिलहाल उसे ज्ञात नहीं हैं, इसलिए वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान कराने की मांग की गई है।
वीडियो और CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग
शिकायत में युवती ने घटना से जुड़े वीडियो फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताते हुए उन्हें सुरक्षित कराने की मांग की है। इसके लिए CCTV फुटेज, ANI और अन्य समाचार एजेंसियों के वीडियो, सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो तथा प्रत्यक्षदर्शियों के मोबाइल से बनाए गए वीडियो को सुरक्षित कर जांच में शामिल करने का अनुरोध किया गया है।
युवती ने पुलिस से नामजद आरोपियों और अन्य शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उसने पुलिस को उपलब्ध वीडियो, फोटो, स्क्रीनशॉट और अन्य साक्ष्य देने में सहयोग करने की बात भी कही है।
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