डुमरी विधायक और JLKM प्रमुख जयराम महतो को लेकर झारखंड की सियासत और पुलिस महकमे के बीच चल रहा विवाद अब एक अहम मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार, धमकी और थाने में हंगामे के आरोपों को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पांच दिनों का अल्टीमेटम दिया था। अब सवाल यह है कि पुलिस एसोसिएशन के द्वारा दिए गए अल्टीमेटम की समयसीमा पूरी हो गयी है. इसके बाद सरकार और पुलिस प्रशासन का अगला कदम क्या होगा?

मामला 21 अगस्त की रात का बताया जा रहा है। पुलिस एसोसिएशन का आरोप है कि बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ फोन पर कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी दी गई। इसके बाद थाना परिसर में भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और सामान को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए। इस मामले में जयराम महतो समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या होगी गिरफ्तारी?
पुलिस एसोसिएशन ने स्पष्ट रूप से कहा था कि पांच दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर में आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है। रांची जिला शाखा की ओर से भी गिरफ्तारी की मांग का समर्थन किया गया है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में गिरफ्तारी करता है, पूछताछ के लिए कोई कदम उठाता है या फिर जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कानूनी रास्ते का इंतजार करता है।
सरकार की चुप्पी पर भी सवाल
यह मामला अब सिर्फ एक विधायक और एक थाना प्रभारी के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ पुलिस एसोसिएशन खुलकर कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ जयराम महतो ने भी अपने ऊपर लगाए गए आरोपों और एसोसिएशन के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि उनसे कोई गलती हुई है तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
ऐसे में सरकार के सामने भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं—क्या पुलिस एसोसिएशन के दबाव में तत्काल गिरफ्तारी होगी? क्या सरकार निष्पक्ष जांच पूरी होने तक इंतजार करेगी? और अगर गिरफ्तारी नहीं होती है तो क्या पुलिस एसोसिएशन अपने घोषित आंदोलन की ओर बढ़ेगा?
फिलहाल जयराम महतो की गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए आज की तारीख में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में कोई बड़ा कदम उठाएगा, या फिर मामला जांच और कानूनी प्रक्रिया के भरोसे आगे बढ़ेगा?
इस पूरे घटनाक्रम पर अब राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ पुलिस महकमे की भी नजर है।



