पटना के राजीव नगर में आलोक कुमार की संदिग्ध मौत, हत्या या आत्महत्या दोनों एंगल से जांच; FSL और CCTV से खुलेगा मौत का राज
पटना। बिहार की राजधानी पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब फ्रेंड्स कॉलोनी रोड नंबर-4 में एक कार के अंदर झारखंड के रिटायर्ड इंजीनियर आलोक कुमार का गोली लगा शव मिला। कार जमुना पैलेस के नीचे खड़ी थी। शव ड्राइविंग सीट पर पड़ा था और घटनास्थल के पास से एक पिस्टल भी बरामद हुई। शुरुआती परिस्थितियों के आधार पर आत्महत्या की आशंका जताई गई, लेकिन परिजनों ने हत्या की आशंका जाहिर की है। पुलिस फिलहाल दोनों पहलुओं से जांच कर रही है।
रांची से तीन दिन पहले पटना आए थे आलोक कुमार
मृतक की पहचान आलोक कुमार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मोतिहारी के रहने वाले थे और रांची के कांके रोड इलाके में रहते थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वे कोल इंडिया में जीएम पद पर भी कार्यरत रह चुके थे और सेवानिवृत्ति के बाद रांची में रह रहे थे। करीब दो-तीन दिन पहले ही वह पटना में अपनी बहन से मिलने पहुंचे थे। उनकी बहन का परिवार फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में रहता है।
परिजनों के मुताबिक शनिवार सुबह आलोक कुमार मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। इसके कुछ देर बाद परिवार को उनके कार में मृत मिलने की जानकारी मिली। घटनास्थल बहनोई के अपार्टमेंट के काफी नजदीक बताया जा रहा है। इस वजह से पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि घर से निकलने के बाद वह कार तक कब पहुंचे और उस दौरान उनके साथ कौन था।
करीब साढ़े पांच बजे सुनी गई गोली चलने की आवाज
मामले में एक अहम जानकारी सामने आई है कि शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे गोली चलने की आवाज सुनाई देने की बात कही गई है। इसके बाद आसपास के लोगों की नजर कार की ओर गई। कार के ड्राइविंग सीट वाला गेट खुला था और शीशा भी नीचे था। अंदर आलोक कुमार मृत अवस्था में मिले।
यही परिस्थितियां अब पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई हैं। घटनास्थल से पिस्टल बरामद होना आत्महत्या की संभावना की ओर इशारा कर सकता है, लेकिन केवल हथियार की बरामदगी से मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि गोली किस दिशा से चली, हथियार किसके हाथ में था और घटनास्थल पर मिले अन्य साक्ष्य घटनाक्रम से किस तरह मेल खाते हैं।
गोली लगने की जगह को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल
परिजनों ने इस मौत को आत्महत्या मानने पर सवाल उठाए हैं। मृतक के बहनोई विनोद कुमार ने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि गोली लगने की स्थिति को लेकर कई सवाल हैं और उन्हें आशंका है कि आलोक कुमार की हत्या की गई हो सकती है। हालांकि यह परिजनों की आशंका है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस भी फिलहाल हत्या या आत्महत्या में से किसी एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
कार पर स्क्रैच और डेंट भी जांच के दायरे में
जांच में एक और बिंदु सामने आया है। घटनास्थल पर खड़ी कार पर कई जगह स्क्रैच और डेंट के निशान बताए गए हैं। पुलिस इन निशानों को भी जांच का हिस्सा बना रही है। यह पता लगाने की कोशिश होगी कि ये निशान पुराने हैं या घटना से जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा कार की स्थिति, दरवाजे, शीशे और अंदर मौजूद वस्तुओं की भी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
FSL, पोस्टमार्टम और CCTV पर टिकी जांच
घटना की सूचना के बाद राजीव नगर थाना पुलिस के साथ एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आलोक कुमार के कार तक पहुंचने के समय आसपास कौन मौजूद था और घटना से पहले या बाद में कोई संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हुई।
फिलहाल इस मामले की सबसे बड़ी पहेली यही है कि मॉर्निंग वॉक के लिए निकले आलोक कुमार की कुछ ही देर बाद कार में गोली लगने से मौत कैसे हुई? पिस्टल की बरामदगी, गोली चलने की आवाज, कार का खुला गेट, स्क्रैच-डेंट और गोली लगने की परिस्थितियां—इन सभी सवालों के जवाब पोस्टमार्टम, एफएसएल रिपोर्ट और CCTV जांच से मिलने की उम्मीद है। पुलिस के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह आत्महत्या थी या किसी ने उनकी हत्या की।


