ओबीसी आरक्षण और अधिकारों की मांग को लेकर केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता दिख रहा है। समिति के आह्वान पर सोमवार को गुमला में मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में आंदोलनकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की और अपनी बात मजबूती से रखी।
पांच जिलों में बंद का ऐलान
मशाल जुलूस के बाद समिति ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा कर दी है। इसके तहत 6 अक्टूबर को दक्षिणी छोटानागपुर के पांच जिलों गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची और लोहरदगा में बंद और चक्का जाम का आह्वान किया गया है। इस घोषणा से पूरे क्षेत्र में आंदोलन की सरगर्मी तेज हो गई है।
JLKM का समर्थन
आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिला है। JLKM (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) ने समिति के बंद और चक्का जाम को समर्थन देने की घोषणा की है। इससे आंदोलन को और बल मिलने की संभावना जताई जा रही है।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
समिति का कहना है कि यह संघर्ष ओबीसी वर्ग के आरक्षण और उनके अधिकारों से जुड़ा है। मशाल जुलूस के जरिए आंदोलनकारियों ने संकेत दिया कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।


