रांची: दुर्गापूजा के पावन अवसर पर सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां श्रद्धा और उत्साह के साथ की जा रही हैं। विद्यालय परिसर में भक्तिभाव, सकारात्मक ऊर्जा और उत्सव का माहौल देखने को मिल रहा है। शक्ति, ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय की प्रतीक मां दुर्गा के आगमन को लेकर स्कूल परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। भव्य पंडालों की सजावट और महालया के पवित्र श्लोकों के भावपूर्ण पाठ से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया है।
विद्यालय परिवार इस विशेष अवसर को केवल एक धार्मिक उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन के नैतिक मूल्यों से जोड़ने के अवसर के रूप में भी देख रहा है। मां दुर्गा की आराधना के माध्यम से साहस, सत्यनिष्ठा, करुणा और एकता जैसे मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया जा रहा है।
भव्य सजावट और मंत्रोच्चार से भक्तिमय हुआ विद्यालय परिसर
सरला बिरला पब्लिक स्कूल में मां दुर्गा के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। विद्यालय परिसर में सुंदर पंडालों की सजावट की गई है। वहीं, महालया के पवित्र श्लोकों के पाठ से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। मंत्रों की गूंज दुर्गापूजा की प्राचीन परंपरा और आध्यात्मिक महत्ता का स्मरण कराती है।
महालया को मां दुर्गा के आगमन की प्रतीकात्मक शुरुआत के रूप में देखा जाता है। इस अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का विशेष महत्व होता है। विद्यालय में भी इसी भावना के साथ मां दुर्गा का अभिनंदन करने की तैयारी की जा रही है। उत्सव का माहौल विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।
शक्ति, साहस और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश
मां दुर्गा को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। दुर्गापूजा का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। सरला बिरला पब्लिक स्कूल में आयोजित तैयारियों के माध्यम से इन आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी जा रही है।
विद्यालय परिवार का मानना है कि त्योहारों का महत्व केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ये समाज में सकारात्मकता, आपसी सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप से प्रेरणा लेकर विद्यार्थियों को जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना साहस के साथ करने और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया जा रहा है।
प्राचार्या मनीषा शर्मा ने बताया त्योहारों का महत्व
इस शुभ अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा कि त्योहार हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये पर्व हमें साहस, करुणा, सत्यनिष्ठा और बुराई पर अच्छाई की शाश्वत विजय का संदेश देते हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही, उनके भीतर एकता, सद्भाव और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।
प्राचार्या के अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। ऐसे उत्सव बच्चों को भारतीय परंपराओं को समझने और उनके मूल संदेश को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर
विद्यालय में दुर्गापूजा की तैयारियां विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक अनुभव को समृद्ध करने का माध्यम भी हैं। पवित्र श्लोकों, सजावट और उत्सव के वातावरण के जरिए उन्हें भारतीय संस्कृति की विविधता और आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलता है।
दुर्गापूजा जैसे पर्व समाज में आपसी सहयोग, प्रेम और एकजुटता की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। मां दुर्गा की आराधना के साथ करुणा, विनम्रता और आंतरिक शक्ति जैसे जीवन-मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।
मां दुर्गा से सुख-समृद्धि और ज्ञान की कामना
सरला बिरला पब्लिक स्कूल परिवार ने मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की कामना की है। विद्यालय परिवार की प्रार्थना है कि मां दुर्गा का आशीर्वाद प्रत्येक हृदय को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करे और सभी को सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे।
श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से सजे इस आयोजन के माध्यम से विद्यालय ने दुर्गापूजा के आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया है।


