रांची: डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल में शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को ग्रैंडपेरेंट्स डे समारोह का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में नन्हे बच्चों के 500 से अधिक दादा-दादी और नाना-नानी शामिल हुए। समारोह में बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित बुजुर्गों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को बड़ों के सम्मान, पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के महत्व का संदेश दिया गया।
दीप प्रज्वलन और गायत्री मंत्र के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम में डीएवी एलएमसी के सदस्य श्री एसएल गुप्ता और श्रीमती सुशीला गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यालय के प्राचार्य श्री बिपिन राय ने पौधा और अंगवस्त्र भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद दीप प्रज्वलन और गायत्री मंत्र के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ।
पुराने फिल्मी गीतों पर बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति
समारोह का मुख्य आकर्षण नर्सरी से कक्षा तीन तक के बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। बच्चों ने पुराने फिल्मी गीतों पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। दादा-दादी और नाना-नानी के प्रेम, स्नेह और पारिवारिक रिश्तों को समर्पित इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में भावनात्मक रंग भर दिया। बच्चों की प्रस्तुति देखकर उपस्थित बुजुर्गों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
‘बड़ों का सम्मान करने वालों की बढ़ती है आयु, विद्या, यश और बल’
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य श्री बिपिन राय ने संस्कृत के एक श्लोक के माध्यम से बच्चों को बुजुर्गों के सम्मान का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा—
“अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविनः।
चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्॥”
इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने बड़ों का सम्मान करता है और उनकी सेवा करता है, उसकी आयु, विद्या, यश और बल में वृद्धि होती है।
प्राचार्य ने बच्चों को अनुशासित और संस्कारवान बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बड़ों का सम्मान करने में ही बच्चों का उत्थान है। उन्हें अपने दादा-दादी और नाना-नानी का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास और पुराणों में भी बड़ों के सम्मान तथा उनके आशीर्वाद के महत्व के अनेक उदाहरण मिलते हैं।
बुजुर्गों ने जताई खुशी, संयुक्त परिवार के महत्व पर दिया जोर
मुख्य अतिथि श्रीमती सुशीला गुप्ता ने समारोह में शामिल सभी वरिष्ठ अभिभावकों को इस सुखद अवसर के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में उपस्थित एक अभिभावक ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने के साथ-साथ संयुक्त परिवार के महत्व को भी स्थापित करते हैं। दादा-दादी और नाना-नानी के साथ समय बिताने से बच्चे उनके अनुभवों, सीख और स्नेह से लाभान्वित होते हैं।
विद्यालय के शिक्षक भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर विद्यालय के एसएच श्री बी. कार्तिक, मैडम अनुश्री और इंचार्ज शालिनी प्रसाद सहित प्राइमरी विंग के सभी शिक्षक उपस्थित रहे। समारोह ने बच्चों और बुजुर्गों के बीच प्रेम, अपनापन और पीढ़ियों के बीच मजबूत रिश्तों का संदेश दिया।
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