पेट्रोल पंप पर फायरिंग के बाद दूसरी वारदात से दहशत, रिंग रोड स्थित तीन मंजिला मकान को बनाया निशाना; पुलिस के सामने अपराधियों की पहचान की चुनौती
झारखंड की राजधानी रांची में आपराधिक घटनाओं ने एक बार फिर पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। कांके थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप के बाहर फायरिंग की घटना के बाद रिंग रोड स्थित एक तीन मंजिला मकान में डकैती की वारदात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, हथियारों से लैस करीब पांच अपराधियों ने कृषि विभाग में कार्यरत रामाशंकर प्रसाद के मकान को निशाना बनाया और घर से कीमती गहने तथा नकदी लेकर फरार हो गए। लगातार हुई इन घटनाओं के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
कार से पहुंचे अपराधी, घर में घुसकर की लूटपाट
मिली जानकारी के अनुसार, डकैती की घटना कांके थाना क्षेत्र के रिंग रोड इलाके में स्थित रामाशंकर प्रसाद के तीन मंजिला मकान में हुई। बताया जा रहा है कि करीब पांच अपराधी कार से वहां पहुंचे थे। आरोप है कि हथियारों से लैस अपराधियों ने मकान में जबरन प्रवेश किया और घर में रखे कीमती आभूषण तथा नकदी लूट ली।
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, अपराधी कितनी नकदी और कितने मूल्य के आभूषण लेकर गए, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वारदात के दौरान घर में मौजूद लोगों के साथ क्या हुआ और अपराधियों ने किस तरीके से पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया, इन बिंदुओं पर भी विस्तृत जानकारी की जरूरत है।
पेट्रोल पंप पर फायरिंग के बाद डकैती से बढ़ी चिंता
कांके थाना क्षेत्र में अपराधियों की सक्रियता को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि डकैती से पहले रविवार की रात रिंग रोड इलाके में एक पेट्रोल पंप के बाहर गोलीबारी की घटना सामने आई थी। जानकारी के मुताबिक, वहां चार राउंड फायरिंग की गई थी।
पुलिस अभी इस गोलीकांड की जांच में जुटी थी कि इसी थाना क्षेत्र में मकान में डकैती की घटना की सूचना सामने आ गई। एक के बाद एक हुई इन वारदातों ने पुलिस के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। अब जांच एजेंसियों को न केवल डकैती में शामिल अपराधियों का पता लगाना है, बल्कि पेट्रोल पंप पर हुई फायरिंग के आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी कानून के दायरे में लाना है।
बुढ़मू की गोलाबारी और आगजनी से भी जोड़कर देखी जा रही स्थिति
रांची और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं के बीच बुढ़मू में गोलाबारी और आगजनी का मामला भी चर्चा में है। कांके में फायरिंग और डकैती की घटनाओं के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, बुढ़मू की घटना, पेट्रोल पंप पर फायरिंग और कृषि विभाग के पदाधिकारी के घर हुई डकैती के बीच कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इन घटनाओं को आपस में जोड़कर देखना अभी जल्दबाजी होगी। इसके लिए पुलिस की जांच और ठोस साक्ष्यों का सामने आना जरूरी है।
पुलिस के सामने अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की चुनौती
लगातार हुई वारदातों के बाद अब पुलिस के सामने अपराधियों तक पहुंचने और घटनाओं का खुलासा करने की चुनौती है। डकैती में इस्तेमाल की गई कार, अपराधियों की आवाजाही, संभावित सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्य जांच में अहम साबित हो सकते हैं।
इसके साथ ही पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि वारदात में शामिल अपराधी स्थानीय हैं या बाहर से आए थे। पेट्रोल पंप पर फायरिंग और मकान में डकैती के मामलों में किसी तरह की समानता मिलती है या नहीं, यह भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर डकैती में लूटे गए सामान की कुल कीमत, सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की आधिकारिक जांच से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
लगातार वारदातों ने बढ़ाई चिंता
कांके क्षेत्र में कम समय के अंतराल पर सामने आई फायरिंग और डकैती की घटनाओं ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है। अपराधियों की गिरफ्तारी और मामलों के शीघ्र खुलासे से ही इलाके में सुरक्षा को लेकर भरोसा बहाल हो सकेगा।
