रांची: रांची के खेलगांव कॉम्प्लेक्स स्थित ट्रिपल आईटी में फर्स्ट ईयर के छात्र आदित्य की हॉस्टल के कमरे में मौत के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। घटना के बाद से ही छात्र हॉस्टल परिसर में धरने पर बैठे हैं। वे हॉस्टल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। छात्रों की मांग है कि संस्थान के डायरेक्टर मौके पर आएं और इस्तीफा दें।
घटना देर रात की है। हॉस्टल के कमरे में छात्र आदित्य के आत्महत्या करने की बात सामने आई। इसके बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही हॉस्टल में रह रहे छात्रों में आक्रोश फैल गया।
छात्रों का आरोप- समय पर मेडिकल मदद मिलती तो बच सकती थी जान
छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। उनका कहना है कि परिसर में न तो ऑक्सीजन की व्यवस्था थी और न ही पर्याप्त लाइफ सपोर्ट सुविधा। छात्रों के मुताबिक, जब आदित्य को फंदे से उतारा गया, तब उसमें हलचल थी। इसके बावजूद उन्हें समय पर जरूरी मेडिकल सहायता नहीं मिल सकी।
इन्हीं आरोपों को लेकर छात्र प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और समय पर कौन-सी चिकित्सा सहायता उपलब्ध थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
कई दौर की बातचीत के बाद भी नहीं निकला समाधान
घटना के बाद से छात्र हॉस्टल परिसर में धरने पर बैठे हैं। छात्रों और प्रबंधन के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। छात्र डायरेक्टर को बुलाने के साथ उनके इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
हॉस्टल की व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद संस्थान में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं, हॉस्टल प्रबंधन और संकट की स्थिति में तत्काल मदद उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में ऐसी सुविधाएं होनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
फिलहाल, छात्रों का आंदोलन जारी है और उनकी मांगों पर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। अब यह देखना होगा कि संस्थान प्रबंधन छात्रों की शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और घटना से जुड़े सवालों की जांच किस तरह की जाती है।
