रांची:
झारखंड में जेपीएससी परीक्षा से जुड़े विवाद और अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी शुक्रवार को रांची के सदर अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने जेपीएससी आंदोलन के दौरान आमरण अनशन पर बैठे छात्र राहुल क्रांति से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। अनशन के कारण तबीयत बिगड़ने पर राहुल क्रांति को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार चल रहा है।
अस्पताल पहुंचने के बाद बाबूलाल मरांडी ने राहुल क्रांति से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों और सिविल सर्जन से भी मुलाकात कर छात्र की मेडिकल रिपोर्ट और इलाज की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। डॉक्टरों ने बताया कि लगातार अन्न और जल का त्याग करने के कारण छात्र की तबीयत बिगड़ गई थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से अब उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
अस्पताल से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जेपीएससी अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के बजाय सरकार मामले को और अधिक उलझाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा पूरी होने और परिणाम जारी होने के बावजूद अभ्यर्थियों को अपने अधिकारों के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
मरांडी ने कहा कि जब झारखंड हाई कोर्ट की एकल पीठ (सिंगल बेंच) ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया, तब सरकार को उस निर्णय का सम्मान करना चाहिए था। लेकिन सरकार ने उस आदेश को स्वीकार करने के बजाय डिवीजन बेंच (डबल बेंच) में चुनौती देकर मामले को और लंबा खींच दिया। उनके अनुसार, इससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
उन्होंने कहा कि युवा वर्षों तक कठिन मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ न्यायालय में मुकदमा भी लड़ना पड़े, तो यह राज्य की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा, “बच्चे पढ़ाई करें या कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाएं? सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।”
बाबूलाल मरांडी ने सरकार से आग्रह किया कि वह जेपीएससी से जुड़े विवाद का जल्द समाधान निकाले, ताकि अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके और उनकी नियुक्ति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद और पारदर्शिता से किया जाना चाहिए, न कि उन्हें लंबे कानूनी विवाद में उलझाकर।
उधर, सदर अस्पताल में भर्ती राहुल क्रांति का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति पहले से बेहतर है, हालांकि स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस बीच जेपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन भी जारी है और छात्र सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
