पश्चिम बंगाल के रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने इसकी मुख्य वजह पार्टी का चुनाव चिह्न ‘जुड़े हुए दो फूल’ नहीं मिलना बताया है।
नंदीग्राम में भी लगा था झटका
इससे पहले नंदीग्राम सीट पर टीएमसी उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने भी नाम वापस ले लिया था। यह कदम उन्होंने नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के कुछ ही घंटों बाद उठाया था। इस तरह ममता बनर्जी खेमे को अपने ही उम्मीदवारों से लगातार दो झटके लगे हैं।
दोनों गुटों को मिले नए नाम और चिह्न
निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया और चुनाव चिह्न के रूप में ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ आवंटित किया। प्रतिद्वंद्वी अरूप रॉय के गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चिह्न मिला है।
आयोग ने क्यों दिए अलग नाम-चिह्न
आयोग ने गुरुवार रात अंतरिम आदेश जारी किया था। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) नाम के इस्तेमाल को लेकर चल रहे विवाद के बीच दोनों पक्षों को उपचुनाव में यह नाम इस्तेमाल न करने को कहा गया। साथ ही उन्हें पार्टी के ‘जोड़ा घास फूल’ चिह्न के इस्तेमाल से भी रोक दिया गया। आयोग ने दोनों से शुक्रवार सुबह तक अपनी पसंद के नाम और चिह्न बताने को कहा था।
छह अक्तूबर को मतदान
पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट पर उपचुनाव छह अक्तूबर को होंगे। वोटों की गिनती नौ अक्तूबर को होगी। बदले नाम और नए चुनाव चिह्न के बीच अब देखना होगा कि मुकाबला कितना बदलता है।
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