Tuesday, October 13

धनबाद: दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी ने काला दिवस मनाया। शनिवार को कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता काले कपड़े पहनकर और काली पट्टी लगाकर रणधीर वर्मा चौक पर जुटे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और दिल्ली में हुई पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई गई।

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, 7 अक्टूबर को दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत करीब 300 सांसदों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की गई थी। इसी के विरोध में देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। धनबाद में आयोजित कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष संतोष सिंह, प्रदेश कांग्रेस महासचिव अशोक कुमार सिंह समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

संतोष सिंह बोले- शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं कर रही सरकार

जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बर्बरता पर उतर आई है और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में कांग्रेस के पास सड़क पर उतरकर विरोध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस महासचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार अब विरोध की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि इसके खिलाफ कांग्रेस देशभर में काला दिवस मना रही है।

मुख्यमंत्री की माता के निधन के कारण बदली गई थी तारीख

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि काला दिवस मनाने का कार्यक्रम पहले 8 अक्टूबर को प्रस्तावित था। हालांकि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन के कारण कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया गया था। इसके बाद धनबाद में शनिवार को प्रदर्शन किया गया।

आंदोलन जारी रखने का ऐलान

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया। पार्टी नेताओं ने घोषणा की कि जब तक केंद्र की मोदी सरकार को सत्ता से हटाने का लक्ष्य पूरा नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

दिल्ली में हुई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस का विरोध अब धनबाद सहित देश के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिल रहा है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि इस मामले में पुलिस कार्रवाई के पूरे संदर्भ और आधिकारिक पक्ष की जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी।

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