बोले मुख्यमंत्री—बुराई कितनी भी शक्तिशाली हो, अंततः जीत सत्य की ही होती है
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विजयादशमी के पावन अवसर पर राज्यवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस पर्व को सत्य की असत्य पर, धर्म की अधर्म पर और न्याय की अन्याय पर विजय का प्रतीक बताते हुए लोगों से इसके मूल संदेश को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी हमें यह सीख देती है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः जीत सत्य और अच्छाई की ही होती है। यह पर्व समाज में सकारात्मकता, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि विजयादशमी केवल धार्मिक आस्था और परंपरा का पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने और बुराइयों के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा भी देता है। यह अवसर हमें अपने भीतर मौजूद नकारात्मक विचारों, अहंकार, द्वेष और अन्याय जैसी प्रवृत्तियों को दूर करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने राज्य के लोगों से पर्व की भावना को आत्मसात करते हुए समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
अन्याय और भेदभाव के खिलाफ एकजुट होने की अपील
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों से अन्याय, भेदभाव और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति सत्य, न्याय और समानता के मूल्यों को महत्व दे। समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव और अन्याय को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने लोगों से आपसी मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना विकसित करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री के संदेश का मूल भाव यही रहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब सभी लोग मिलकर नकारात्मकता और बुराइयों का मुकाबला करें तथा सद्भावपूर्ण वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक है विजयादशमी
विजयादशमी का पर्व भारतीय संस्कृति और परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय की स्मृति से जुड़ा है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
यह पर्व लोगों को सत्य, धर्म, साहस और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। साथ ही यह संदेश भी देता है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना धैर्य, विवेक और दृढ़ संकल्प के साथ करना चाहिए। मुख्यमंत्री के शुभकामना संदेश में भी इन्हीं मूल्यों को अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया गया।
राज्यवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विजयादशमी के अवसर पर सभी राज्यवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पावन पर्व लोगों के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मक सोच लेकर आएगा। त्योहारों को सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए उन्होंने लोगों से मिल-जुलकर पर्व मनाने तथा एक-दूसरे की खुशियों में सहभागी बनने का संदेश दिया।
झारखंड विविध भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और समुदायों वाला राज्य है। ऐसे में विजयादशमी जैसे पर्व सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री की शुभकामनाओं का संदेश भी इसी भावना को आगे बढ़ाता है कि राज्य में सभी लोग प्रेम, सम्मान और भाईचारे के साथ रहें।
सकारात्मक सोच और बेहतर समाज का संकल्प
मुख्यमंत्री के संदेश के अनुसार, विजयादशमी का वास्तविक महत्व केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने में भी है। सत्य का साथ देना, अन्याय का विरोध करना, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील रहना और समाज में समानता एवं सद्भाव को बढ़ावा देना इस पर्व की भावना को सार्थक बनाता है।
विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक ऐसे समाज के निर्माण का संदेश दिया, जहां सत्य, न्याय, प्रेम और भाईचारे को सर्वोच्च महत्व मिले। उनका संदेश है कि अच्छाई और सकारात्मकता के रास्ते पर चलते हुए ही समाज को अधिक मजबूत, समृद्ध और शांतिपूर्ण बनाया जा सकता है।


