Tuesday, October 13

चतरा: चतरा के सरकारी कार्यालय में रिश्वतखोरी के खिलाफ ACB ने एक बार फिर कार्रवाई की है। गुरुवार दोपहर करीब 2:50 बजे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सदर अनुमंडल कार्यालय के लिपिक बासुदेव राम को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।

बताया गया कि बासुदेव राम हंटरगंज प्रखंड के बेला गांव निवासी विलास यादव से अनुमंडल न्यायालय में चल रहे एक वाद के सिलसिले में 10 हजार रुपये ले रहा था। जैसे ही उसने रिश्वत की रकम ली, ACB की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

शिकायत के सत्यापन के बाद हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, किसी काम के एवज में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत ACB को मिली थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने पहले उसका सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद ACB ने आरोपी क्लर्क को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना बनाई।

गुरुवार को तय रणनीति के तहत टीम मौके पर पहुंची और रिश्वत की रकम लेते ही बासुदेव राम को गिरफ्तार कर लिया।

कार्यालय में मची अफरातफरी, कमरे में हुई पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम लिपिक को अनुमंडल कार्यालय के ही एक कमरे में ले गई। वहां उससे पूछताछ की गई और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कार्रवाई की खबर फैलते ही कार्यालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।

ACB टीम रिश्वत से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पूछताछ के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

22 दिनों में ACB की दूसरी बड़ी कार्रवाई

चतरा में ACB की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि महज 22 दिनों के भीतर सरकारी कार्यालय में रिश्वतखोरी के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।

इससे पहले 15 सितंबर को सदर अंचल कार्यालय के राजस्व उपनिरीक्षक सतीश प्रसाद को भी ACB ने रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।

लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बाद सरकारी कार्यालयों में भी हड़कंप की स्थिति है। अब अनुमंडल कार्यालय के लिपिक की गिरफ्तारी के बाद ACB की जांच में रिश्वतखोरी से जुड़े और कौन-कौन से पहलू सामने आते हैं, इस पर नजर रहेगी।

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