झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव विवेक रावत के दुमका स्थित आवास पर शनिवार सुबह वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद मामला अब कानूनी विवाद का रूप ले चुका है। इस मामले में विवेक रावत के भांजे मृत्युंजय कुमार रावत ने दुमका नगर थाना में वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
क्या है FIR में
दर्ज शिकायत के अनुसार, शनिवार सुबह लगभग 5 बजे वन विभाग की टीम, एक प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी तथा सुरक्षा बल के जवान बिना किसी पूर्व सूचना के महुआडंगाल स्थित आवास पर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारियों ने बिना सर्च वारंट या किसी लिखित आदेश के घर में प्रवेश किया और पूरे परिसर की तलाशी ली।
छापामारी में शामिल अधिकारियोंने किया दुर्व्यवार
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब परिवार के सदस्यों ने कार्रवाई का आधार, सर्च वारंट और अन्य आवश्यक दस्तावेज दिखाने की मांग की, तो अधिकारियों ने कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूछताछ के दौरान अधिकारियों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया तथा परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
लिखित आदेश नहीं दिखाने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि तलाशी अभियान सुबह लगभग 5 बजे से 9 बजे तक चला। बाद में प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी ने मौखिक रूप से बताया कि यह कार्रवाई दुमका वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) के निर्देश पर की जा रही है। हालांकि, लिखित आदेश उपलब्ध नहीं कराया गया।
घटना की वीडियो रिकार्डिंग भी सौंपी
आवेदन के साथ घटना का वीडियो रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन रेस
इधर, इस मामले के सामने आने के बाद दुमका में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। अब नगर थाना पुलिस दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, वन विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
