चांडिल में करीब दर्जनभर युवकों की जोखिम भरी ड्राइविंग कैमरे में कैद, वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई और सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
चांडिल थाना क्षेत्र से गुजरने वाले NH-33 पर बाइक सवार युवकों का खतरनाक तरीके से वाहन चलाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में करीब दर्जनभर युवक समूह में मोटरसाइकिल चलाते और सड़क पर जोखिम भरी ड्राइविंग करते नजर आ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद सड़क सुरक्षा और हाईवे पर बढ़ते लापरवाह ड्राइविंग के खतरे को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह बाइक चलाना केवल स्टंट करने वालों के लिए ही खतरा नहीं है। अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ने, दूसरे वाहन से टकराने या सामने से आ रहे वाहन को बचाने के दौरान गंभीर हादसा हो सकता है। हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच एक छोटी सी गलती भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।
एक बाइक की गलती, कई लोगों की जिंदगी पर असर
सड़क पर बाइक चलाते समय अगर कोई युवक अचानक बाइक को लहराते हुए चलाता है, गलत दिशा में जाता है या दूसरे वाहनों के बीच खतरनाक तरीके से निकलता है, तो पीछे और आसपास चल रहे वाहन चालकों को प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय मिलता है।
खासकर NH-33 जैसे व्यस्त मार्ग पर भारी वाहनों की मौजूदगी स्थिति को और संवेदनशील बना देती है। बाइक सवार के अचानक गिरने पर पीछे से आने वाला वाहन उसे बचाने के प्रयास में दूसरी लेन में जा सकता है। इससे एक बाइक से शुरू हुआ जोखिम कई वाहनों और यात्रियों तक पहुंच सकता है।
सिर्फ बाइक सवार नहीं, आम लोगों को भी होती है परेशानी
ऐसी ड्राइविंग का असर सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों पर भी पड़ता है। सामान्य गति से वाहन चला रहे चालक अचानक बाइक सवारों की हरकत देखकर ब्रेक लगाने या दिशा बदलने को मजबूर हो सकते हैं। इससे पीछे चल रहे वाहनों के बीच टक्कर की स्थिति बन सकती है।
वहीं, सड़क किनारे रहने वाले लोग, पैदल यात्री और छोटे वाहन चलाने वाले लोग भी ऐसे समूहों से असहज महसूस कर सकते हैं। लगातार रैश ड्राइविंग से हाईवे पर सामान्य यातायात का अनुशासन भी प्रभावित होता है। हाल के दिनों में इस इलाके में रैश ड्राइविंग को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता सामने आई है।
वायरल वीडियो के आधार पर हो सकती है पहचान
सामने आए वीडियो में कुछ मोटरसाइकिलों के नंबर भी दिखाई देने की बात रिपोर्ट की गई है। ऐसे में पुलिस और परिवहन विभाग वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे वाहनों की पहचान की जांच कर सकते हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन साबित होने पर संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सड़क पर खतरनाक तरीके से वाहन चलाने को लेकर मोटर वाहन कानून में कार्रवाई का प्रावधान है। केंद्र सरकार ने भी सड़क सुरक्षा के लिए खतरनाक ड्राइविंग, तेज रफ्तार और अन्य गंभीर यातायात उल्लंघनों पर दंडात्मक कार्रवाई तथा लाइसेंस संबंधी कदमों का प्रावधान बताया है।
कार्रवाई के साथ जागरूकता भी जरूरी
ऐसे मामलों में केवल चालान काटना ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता। पुलिस और परिवहन विभाग को संवेदनशील स्थानों पर नियमित जांच के साथ युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर देना चाहिए।
हाईवे पर विशेष रूप से स्टंट, रैश ड्राइविंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और समूह बनाकर सड़क पर बाधा पैदा करने वालों पर निगरानी बढ़ाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी, हाईवे पेट्रोलिंग और उपलब्ध वीडियो फुटेज की मदद से ऐसे वाहनों की पहचान की जा सकती है।
युवाओं से अपील- सड़क को रेसिंग ट्रैक न बनाएं
बाइक चलाना शौक हो सकता है, लेकिन सार्वजनिक सड़क किसी के निजी स्टंट के लिए नहीं है। हेलमेट पहनना, निर्धारित गति में वाहन चलाना, लेन का पालन करना और दूसरे वाहन चालकों को पर्याप्त जगह देना हर बाइक सवार की जिम्मेदारी है। व्यस्त सड़कों पर समूह में इस तरह की जोखिम भरी ड्राइविंग से बचना भी उतना ही जरूरी है।
सड़क सुरक्षा का असली मकसद हादसा होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि हादसा होने की नौबत ही न आने देना है। इसलिए चांडिल के NH-33 पर सामने आए इस मामले को चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए। युवाओं को भी समझना होगा कि कुछ सेकेंड का रोमांच अगर नियंत्रण से बाहर हो गया, तो इसकी कीमत सिर्फ उन्हें नहीं, किसी निर्दोष परिवार को भी चुकानी पड़ सकती है।
जागरूक रहें, नियमों का पालन करें और सड़क पर अपनी सुरक्षा के साथ दूसरों की जिंदगी की भी जिम्मेदारी समझें।
